23वें दिन भी JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी, 4 और छात्र भूख हड़ताल पर; देवेंद्र नाथ महतो अस्पताल में भर्ती

राज्य

रांची। झारखंड में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का आंदोलन 23वें दिन भी जारी है। परीक्षा से जुड़े विवादों और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आंदोलन को और तेज करते हुए चार नए अभ्यर्थियों को भूख हड़ताल पर बैठाया है।

JPSC-JSSC अभ्यर्थी न्याय मंच के तहत राजबल प्रसाद, उदय मेहता, राजीव कुमार कुशवाहा और उदय मंडल ने अनशन शुरू किया है।

छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

2 अगस्त से अनशन पर थे देवेंद्र नाथ महतो

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो पहले से ही भूख हड़ताल पर थे। वह 2 अगस्त से अनशन कर रहे हैं।

लगातार भूख हड़ताल के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनके अस्पताल में भर्ती होने के बाद आंदोलनकारी छात्रों के बीच चिंता बढ़ गई है।

परीक्षा और जांच को लेकर छात्रों की मांग

JPSC-JSSC अभ्यर्थी न्याय मंच के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे छात्र परीक्षा से जुड़े विवादों को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

छात्रों की प्रमुख मांगों में परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच, विवादों का समाधान और उनकी शिकायतों पर ठोस कार्रवाई शामिल है।

अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर स्पष्ट और संतोषजनक फैसला नहीं लेती, आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा।

20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेराव का ऐलान

आंदोलन अब सड़क से राजनीतिक समर्थन तक पहुंच चुका है। डुमरी विधायक और JLKM नेता जयराम महतो ने छात्रों के प्रस्तावित 20 अगस्त के मुख्यमंत्री आवास घेराव कार्यक्रम को समर्थन दिया है।

जयराम महतो ने सोशल मीडिया पर आंदोलन के समर्थन में पोस्ट करते हुए कहा कि 20 अगस्त के कार्यक्रम को उनका पूर्ण समर्थन है।

राजनीतिक समर्थन मिलने के बाद आंदोलन के और व्यापक होने की संभावना बढ़ गई है।

सरकार के सामने बढ़ी चुनौती

JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब तीन सप्ताह से ज्यादा समय से चल रहा है। चार नए छात्रों के भूख हड़ताल में शामिल होने और देवेंद्र नाथ महतो के अस्पताल में भर्ती होने से आंदोलन की गंभीरता बढ़ गई है।

अब सरकार के सामने चुनौती सिर्फ परीक्षा विवाद का समाधान करने की नहीं, बल्कि आंदोलन कर रहे छात्रों के स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था से जुड़े पहलुओं को भी संभालने की है।

Action Bharat का निष्कर्ष

23 दिन से जारी आंदोलन, पांच छात्रों की भूख हड़ताल और 20 अगस्त के मुख्यमंत्री आवास घेराव के ऐलान ने सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है।

अब सबसे अहम सवाल यही है कि क्या सरकार छात्रों से बातचीत कर कोई समाधान निकालती है या 20 अगस्त का आंदोलन झारखंड की राजनीति में नया मोड़ लेकर आता है?

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