सुखबीर बादल पर दो हमलों की NIA जांच की मांग, हरसिमरत कौर ने अमित शाह को लिखा पत्र

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चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर हालिया हमले के बाद मामला अब केंद्र सरकार तक पहुंच गया है। उनकी पत्नी और बठिंडा से सांसद हरसिमरत कौर बादल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर सुखबीर बादल पर हुए दो हमलों की NIA से जांच कराने की मांग की है।

हरसिमरत ने 13 अगस्त 2026 को महाराष्ट्र के नांदेड स्थित गुरुद्वारा माता साहिब कौर में हुए हमले और 4 दिसंबर 2024 को श्री हरमंदिर साहिब परिसर में हुए हमले को एक साथ रखकर इनके बीच संभावित संबंधों की जांच की मांग की है।

नांदेड में क्या हुआ था?

हरसिमरत कौर के मुताबिक, 13 अगस्त को वह अपने बच्चों और सुखबीर बादल के साथ गुरुद्वारा में माथा टेकने के बाद बाहर निकल रही थीं। इसी दौरान एक व्यक्ति ने तलवार से सुखबीर बादल पर हमला करने की कोशिश की।

उन्होंने कहा कि हमले में सुखबीर बादल के दाहिने हाथ में चोट आई। सुरक्षा में तैनात एक कर्मचारी ने तत्काल हस्तक्षेप कर हमलावर को रोक दिया।

हरसिमरत का कहना है कि अगर सुरक्षाकर्मी ने समय रहते हमलावर को नहीं रोका होता तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।

2024 के हमले से जोड़कर देख रही हैं हरसिमरत

अपने पत्र में हरसिमरत ने 4 दिसंबर 2024 को श्री हरमंदिर साहिब में सुखबीर बादल पर हुए हमले का भी उल्लेख किया है।

उन्होंने दोनों घटनाओं में कुछ समानताएं बताते हुए सवाल उठाया है कि क्या दोनों हमलों के पीछे कोई साझा साजिश या नेटवर्क था।

उन्होंने 2024 के मामले में आरोपी नारायण सिंह चौरा का भी जिक्र किया और उसके कथित चरमपंथी संबंधों तथा सुखबीर बादल को कथित धमकियों से जुड़े सवाल उठाए।

हालांकि, इन दोनों घटनाओं के बीच किसी संगठित संबंध की पुष्टि अभी जांच का विषय है।

पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

हरसिमरत ने अपने पत्र में पंजाब पुलिस और संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।

उनका आरोप है कि 2024 के हमले से पहले आरोपी की गतिविधियों और कथित धमकियों के बावजूद वह सुखबीर बादल तक पहुंचने में सफल हुआ। उन्होंने इसे गंभीर सुरक्षा चूक बताया।

13 अगस्त के हमले के बाद की पुलिस कार्रवाई को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए और कहा कि मामले की जांच में सभी प्रत्यक्षदर्शियों, सुरक्षा कर्मचारियों और संबंधित अधिकारियों के बयान लिए जाने चाहिए।

NIA जांच क्यों चाहती हैं हरसिमरत?

हरसिमरत कौर ने केंद्रीय गृह मंत्री से मांग की है कि दोनों मामलों की जांच को राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंपा जाए।

उनका कहना है कि जांच में खास तौर पर यह पता लगाया जाना चाहिए कि—

  • क्या दोनों हमलों के बीच कोई संबंध है?
  • क्या किसी संगठित या चरमपंथी नेटवर्क की भूमिका थी?
  • क्या किसी अंतरराज्यीय या विदेशी तत्व का कनेक्शन है?
  • क्या सुरक्षा व्यवस्था में जानबूझकर या लापरवाही से चूक हुई?
  • क्या किसी सरकारी अधिकारी की भूमिका या मिलीभगत की जांच जरूरी है?

उन्होंने यह भी कहा कि जांच का उद्देश्य किसी निर्दोष व्यक्ति को परेशान करना नहीं, बल्कि वास्तविक साजिश और जिम्मेदार लोगों का पता लगाना होना चाहिए।

पंजाब की राजनीति में फिर गरमाया सुरक्षा का मुद्दा

सुखबीर बादल पर लगातार दो अलग-अलग मौकों पर हुए हमलों को लेकर अब पंजाब की राजनीति में भी सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठ रहा है।

हरसिमरत कौर ने अपने पत्र में कहा है कि पंजाब को अतीत में देखी गई राजनीतिक और धार्मिक हिंसा के दौर में दोबारा नहीं लौटना चाहिए।

Action Bharat का निष्कर्ष

फिलहाल NIA जांच की मांग की गई है, यह कहना सही नहीं होगा कि NIA ने जांच अपने हाथ में ले ली है। अब महत्वपूर्ण यह होगा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय इस मांग पर क्या निर्णय लेता है।

अगर दोनों घटनाओं के बीच किसी संगठित साजिश के प्रमाण सामने आते हैं, तो मामला सामान्य आपराधिक हमले से कहीं अधिक गंभीर हो सकता है। वहीं अंतिम निष्कर्ष जांच एजेंसियों की आधिकारिक जांच और सबूतों के आधार पर ही निकलेगा।

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