पटना: भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए बिहार सरकार ने निगरानी बढ़ाने की योजना तैयार की है। इसके तहत सीमा क्षेत्र में तैनात SSB की 194 बॉर्डर आउटपोस्ट (BOP) और स्थानीय पुलिस के 70 थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर 24 घंटे निगरानी और गश्त पर जोर दिया जाएगा।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सोमवार को सीमा सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और अधिकारियों को सीमावर्ती इलाकों में लगातार निगरानी रखने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
नशीले पदार्थ और हथियारों की तस्करी पर सख्ती
समीक्षा बैठक में सीमा पार से होने वाली नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी को रोकने पर विशेष जोर दिया गया। पुलिस और उत्पाद विभाग को जीरो-टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई करने तथा NDPS कानून का प्रभावी इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक सीमावर्ती क्षेत्रों में अब तक 20,625 किलोग्राम गांजा, 61.85 किलोग्राम चरस और 1,98,656 नशीली गोलियां समेत अन्य मादक पदार्थ बरामद किए गए हैं।
नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में 1,023 आरोपियों की गिरफ्तारी भी की गई है।
साइबर अपराध और फर्जी आधार पर भी नजर
सीमा सुरक्षा की समीक्षा में साइबर और वित्तीय अपराध भी अहम मुद्दा रहा। अधिकारियों को फर्जी आधार, सिम बॉक्स फ्रॉड और शेल कंपनियों के नेटवर्क के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
अब तक फर्जी आधार से जुड़े 40 मामले, सिम बॉक्स फ्रॉड के 2 मामले और साइबर अपराध के 423 मामले दर्ज किए गए हैं।
आर्थिक अपराध इकाई और जिला पुलिस के बीच बेहतर समन्वय बनाकर ऐसे नेटवर्क पर कार्रवाई तेज करने को कहा गया है।
बैंकों में फेक नोट मशीनों की जांच
सभी बैंक शाखाओं, खासकर सहकारी बैंकों में फेक नोट डिटेक्शन मशीनों की शत-प्रतिशत कार्यशीलता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि मशीनें केवल लगाई न रहें, बल्कि नियमित रूप से उपयोग में हों और सही तरीके से काम करती मिलें।
सात सीमावर्ती जिलों की सुरक्षा की समीक्षा
बैठक में बिहार के सात सीमावर्ती जिलों की सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई। इनमें:
- पश्चिम चंपारण
- पूर्वी चंपारण
- सीतामढ़ी
- मधुबनी
- सुपौल
- अररिया
- किशनगंज
शामिल हैं।
सरकार का जोर SSB और स्थानीय पुलिस के बीच सूचनाओं के तेज आदान-प्रदान, संयुक्त निगरानी और संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई पर है।
भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ाई जा रही यह निगरानी खासतौर पर तस्करी, अवैध गतिविधियों, फर्जी दस्तावेजों और सीमा पार से जुड़े साइबर एवं वित्तीय अपराधों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
Action Bharat News | Bihar Desk
