JPSC-JSSC छात्र आंदोलन: चौथी वार्ता से पहले CM की आपात बैठक, बातचीत में देरी

राज्य

रांची: झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन सोमवार को 24वें दिन भी जारी रहा। सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच चौथे दौर की वार्ता प्रस्तावित थी, लेकिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा बुलाई गई मंत्रिपरिषद की आपात बैठक के कारण बातचीत में देरी हुई।

छात्र प्रतिनिधिमंडल को दोपहर करीब 2 बजे राजकीय अतिथिशाला में वार्ता के लिए बुलाया गया था। जिला प्रशासन की ओर से 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को वाहन भी उपलब्ध कराया गया, लेकिन रवाना होने के बाद वाहन को रोक दिया गया। छात्रों को फिलहाल इंतजार करने को कहा गया।

मुख्यमंत्री ने बुलाई आपात बैठक

चौथी वार्ता से पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रोजेक्ट भवन में मंत्रियों की आपात बैठक बुलाई। बैठक में रांची में मौजूद मंत्रियों को शामिल होने के लिए बुलाया गया।

बताया गया कि बैठक में छात्रों के आंदोलन के अलावा अन्य महत्वपूर्ण सरकारी मुद्दों पर भी चर्चा होनी थी। मंत्रियों की बैठक के चलते छात्रों और सरकार की ओर से बनाई गई कमेटी के बीच वार्ता निर्धारित समय पर शुरू नहीं हो सकी।

छात्रों की प्रमुख मांगें क्या हैं?

JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के बैनर तले आंदोलन कर रहे छात्र मुख्य रूप से:

  • परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच
  • संबंधित परीक्षाओं को रद्द करने की मांग
  • भर्ती प्रक्रिया में सुधार
  • परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता
  • कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच

जैसी मांगें उठा रहे हैं।

छात्र प्रतिनिधियों का कहना है कि वे सरकार के साथ स्पष्ट और सार्थक बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें अपनी मांगों पर ठोस निर्णय चाहिए।

तीन दौर की बातचीत के बाद भी गतिरोध

छात्रों और सरकार के बीच इससे पहले तीन दौर की वार्ता हो चुकी है। हालांकि, परीक्षा संबंधी कथित अनियमितताओं की जांच, परीक्षाओं को रद्द करने और भर्ती प्रक्रिया में सुधार जैसे प्रमुख मुद्दों पर अब तक कोई व्यापक सहमति नहीं बन सकी है।

अब चौथे दौर की बातचीत को आंदोलन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेराव का ऐलान

छात्र संगठनों ने सरकार को अपनी मांगों पर निर्णय लेने के लिए समयसीमा दी है। आंदोलनकारियों ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव का कार्यक्रम घोषित किया है।

ऐसे में चौथे दौर की वार्ता में यदि कोई ठोस समाधान निकलता है तो आंदोलन की दिशा बदल सकती है। वहीं, बातचीत बेनतीजा रहने पर छात्रों के घोषित अगले आंदोलन के आगे बढ़ने की संभावना है।

चार मंत्री करेंगे छात्रों से बातचीत

सरकार की ओर से वार्ता में सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह, संजय प्रसाद यादव और चमरा लिंडा के शामिल होने की बात कही गई है।

वहीं, छात्रों की ओर से 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बातचीत में अपनी मांगें रखेगा।

फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि चौथे दौर की वार्ता से सरकार और छात्रों के बीच लंबे समय से चले आ रहे गतिरोध का कोई समाधान निकलता है या आंदोलन 20 अगस्त को अगले चरण में प्रवेश करता है।

Action Bharat News | Jharkhand Desk

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