यूपी में मुख्यमंत्री आवास योजना के नियम बदले, अब ‘जीरो पावर्टी’ के चिन्हित परिवारों को मिलेगा पक्के घर का लाभ

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण गरीब परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने की दिशा में मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के नियमों में अहम बदलाव किया है। अब ‘जीरो पावर्टी’ अभियान के तहत चिन्हित अति गरीब परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की प्राथमिकता श्रेणी में शामिल किया जा सकेगा।

सरकार के इस फैसले का सीधा लाभ उन ग्रामीण परिवारों को मिल सकता है जो बेहद कमजोर आर्थिक स्थिति में हैं और अभी कच्चे या जर्जर मकानों में रह रहे हैं। Zero Poverty अभियान का उद्देश्य ऐसे सबसे गरीब परिवारों को अलग-अलग सरकारी योजनाओं से जोड़कर उनकी बुनियादी जरूरतें पूरी करना है।

अब आवास योजना में मिलेगी प्राथमिकता

ग्राम्य विकास विभाग ने मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के दिशा-निर्देशों में बदलाव किया है। पहले से मौजूद अलग-अलग पात्रता और प्राथमिकता श्रेणियों के साथ अब Zero Poverty अभियान में चिन्हित परिवारों को भी प्राथमिकता दी जा सकेगी।

इसका मतलब यह है कि केवल गरीब होने के आधार पर हर परिवार को स्वतः मकान नहीं मिलेगा। संबंधित परिवार को योजना की निर्धारित पात्रता और सरकारी सत्यापन प्रक्रिया को पूरा करना होगा।

क्या है ‘जीरो पावर्टी’ अभियान?

उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के सबसे गरीब परिवारों की पहचान कर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से Zero Poverty अभियान शुरू किया है।

अभियान के तहत ऐसे परिवारों की पहचान की जा रही है जो अभी भी आवास, राशन, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, पेंशन और दूसरी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।

सरकार का लक्ष्य सिर्फ इन परिवारों को एक योजना का लाभ देना नहीं, बल्कि उन्हें कई सरकारी योजनाओं से जोड़कर आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाना है।

पक्का मकान पाने का रास्ता होगा आसान

Zero Poverty अभियान में चिन्हित जिन ग्रामीण परिवारों के पास रहने के लिए उचित पक्का मकान नहीं है, उन्हें आवास योजना से जोड़ने की प्रक्रिया आसान हो सकती है।

पहले भी कई जिलों में Zero Poverty के तहत चिन्हित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण और मुख्यमंत्री आवास योजना से जोड़े जाने के उदाहरण सामने आए हैं।

हालांकि, लाभार्थियों का चयन सरकारी रिकॉर्ड, सर्वे और पात्रता सत्यापन के आधार पर होगा।

किन लोगों को सबसे ज्यादा फायदा?

इस बदलाव से मुख्य रूप से ऐसे ग्रामीण परिवारों को फायदा मिलने की उम्मीद है—

  • जो Zero Poverty अभियान में चिन्हित किए गए हैं।
  • जिनके पास रहने के लिए पक्का मकान नहीं है।
  • जो जर्जर या कच्चे मकानों में रह रहे हैं।
  • जो योजना की निर्धारित पात्रता पूरी करते हैं।
  • जिनका सरकारी स्तर पर सत्यापन पूरा हो जाता है।

सिर्फ मकान नहीं, दूसरी योजनाओं से भी जोड़ने की तैयारी

Zero Poverty अभियान को केवल आवास तक सीमित नहीं रखा गया है। इसका उद्देश्य चिन्हित परिवारों को राशन, स्वास्थ्य, पेंशन, पेयजल, बिजली, रोजगार और अन्य कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना भी है।

सरकार का प्रयास है कि बेहद गरीब परिवारों को अलग-अलग योजनाओं का लाभ एक साथ मिल सके और उनकी आर्थिक स्थिति में स्थायी सुधार हो।

दिव्यांगजन रोजगार अभियान में भी 1,559 लोगों को लाभ

इसी बीच उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की ओर से चलाए गए दिव्यांगजन रोजगार अभियान 3.0 में 1,559 दिव्यांगजनों को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़े जाने की जानकारी सामने आई है।

अभियान के दौरान रोजगार मेलों, प्लेसमेंट ड्राइव और रोजगार कैंपों का आयोजन किया गया। चयनित अभ्यर्थियों को अलग-अलग नौकरियों में करीब 10 हजार से 18 हजार रुपये मासिक वेतन के प्रस्ताव दिए गए।

कुछ लोगों को मोबाइल रिपेयरिंग, इलेक्ट्रिशियन, सिलाई-कढ़ाई, जन सेवा केंद्र, डेयरी और पशुपालन जैसे स्वरोजगार विकल्पों से भी जोड़ा गया।

Action Bharat | Uttar Pradesh

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