नई दिल्ली। हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (HCL) ने खनन क्षमता को बड़े स्तर पर बढ़ाने की योजना बनाई है। कंपनी अगले 5–6 वर्षों में ₹7,000 करोड़ से ज्यादा का निवेश कर अपनी माइनिंग क्षमता को मौजूदा 4 MTPA से बढ़ाकर 12.20 MTPA करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
📈 मुनाफा करीब दोगुना
वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का टैक्स से पहले मुनाफा ₹1,232.73 करोड़ रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह ₹633.51 करोड़ था। ऑपरेशन से कंपनी का राजस्व भी रिकॉर्ड ₹3,077.92 करोड़ पहुंच गया।
कंपनी के पास भारत के कॉपर-ओर संसाधनों का करीब 45% हिस्सा है। इसके प्रमुख खनन क्षेत्र मलांजखंड, खेतड़ी और घाटशिला हैं।
⛏️ उत्पादन में भी बढ़ोतरी
2025-26 में कॉपर ओर का उत्पादन 3.67 मिलियन टन रहा, जो पिछले साल से करीब 6% अधिक है। वहीं मेटल-इन-कंसंट्रेट (MIC) उत्पादन में 9% की वृद्धि दर्ज की गई।
🤝 रणनीतिक साझेदारियों पर भी जोर
HCL ने खनन और खनिज सुरक्षा को मजबूत करने के लिए चिली की CODELCO के साथ साझेदारी की है। घरेलू स्तर पर कंपनी ने NTPC Mining, RITES, IOCL और Coal India जैसी सरकारी कंपनियों के साथ भी समझौते किए हैं।
⚡ क्यों अहम है कॉपर?
इलेक्ट्रिक वाहन, स्मार्ट सिटी, पावर इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग में कॉपर की मांग तेजी से बढ़ रही है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत में प्रति व्यक्ति कॉपर खपत करीब 0.6 किलोग्राम है, जबकि वैश्विक औसत 3.2 किलोग्राम है।
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