पटना। बिहार सरकार ने राज्य के विकास, सड़क संपर्क, सिंचाई और रोजगार को लेकर बुधवार को कई अहम फैसले लिए। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 13 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें सबसे बड़ा फैसला बक्सर से भागलपुर के बीच करीब 336 किलोमीटर लंबे छह लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण को लेकर है।
इसके अलावा राज्य में 46 हजार निजी नलकूपों के जरिए करीब 2.30 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने की योजना को भी आगे बढ़ाया गया है।
बक्सर से भागलपुर तक बनेगा 6 लेन एक्सप्रेसवे
कैबिनेट के फैसले के मुताबिक बक्सर से भागलपुर के बीच लगभग 336 किलोमीटर लंबा छह लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे विकसित किया जाएगा। यह एक्सप्रेसवे बिहार के पश्चिमी हिस्से को राज्य के पूर्वी हिस्से से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
परियोजना को पीपीपी मॉडल पर विकसित किए जाने की योजना है। इसके कार्यान्वयन की जिम्मेदारी बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के माध्यम से आगे बढ़ाई जाएगी।
यह मार्ग पूरी तरह एक्सेस कंट्रोल्ड रखने का प्रस्ताव है, जिससे लंबी दूरी के सफर को तेज और सुगम बनाने में मदद मिलेगी।
एक्सप्रेसवे के किनारे बढ़ेंगी आर्थिक गतिविधियां
सरकार ने एक्सप्रेसवे के आसपास उपलब्ध बड़े भूखंडों को आर्थिक गतिविधियों के लिए विकसित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।
इसके जरिए एक्सप्रेसवे के किनारे निवेश, कारोबार और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की योजना है। परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कराने के लिए कंसल्टेंट और क्रियान्वयन से जुड़े कार्यों के लिए ट्रांजेक्शन एडवाइजर की सेवाएं लेने का प्रावधान किया गया है।
46 हजार निजी नलकूपों से किसानों को फायदा
कैबिनेट ने किसानों के लिए भी बड़ा फैसला लिया है। सात निश्चय-2 के तहत मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 11 हजार नए निजी नलकूपों की स्थापना को मंजूरी दी गई है।
इसके लिए 83.60 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
पहले से स्वीकृत 35 हजार नलकूपों को जोड़ने पर राज्य में कुल 46 हजार निजी नलकूप स्थापित किए जाएंगे। सरकार के अनुसार इससे लगभग 2.30 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलने की उम्मीद है।
युवाओं के लिए जिला नियोजनालयों को नया स्वरूप
कैबिनेट ने युवाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण फैसला भी लिया है। अवर प्रादेशिक नियोजनालयों का नाम बदलकर जिला नियोजनालय करने का निर्णय लिया गया है।
इन नियोजनालयों के माध्यम से युवाओं को रोजगार और करियर से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।
रोजगार मेलों पर रहेगा फोकस
जिला नियोजनालयों के जरिए नियमित रोजगार मेलों के आयोजन और निजी कंपनियों के साथ बेहतर समन्वय की योजना है।
सरकार की कोशिश स्थानीय स्तर पर युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ने की है। निजी कंपनियों की जरूरत और स्थानीय युवाओं की योग्यता के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर भी जोर दिया जाएगा।
कैबिनेट के फैसलों में सड़क, सिंचाई और रोजगार पर जोर
बिहार कैबिनेट के बुधवार के फैसलों में तीन बड़े क्षेत्रों पर खास फोकस नजर आया—
पहला—कनेक्टिविटी: बक्सर-भागलपुर छह लेन एक्सप्रेसवे।
दूसरा—कृषि: 46 हजार निजी नलकूपों के जरिए सिंचाई विस्तार।
तीसरा—रोजगार: जिला नियोजनालयों के जरिए युवाओं को रोजगार से जोड़ने की व्यवस्था।
सरकार के इन फैसलों से आने वाले समय में बिहार में सड़क कनेक्टिविटी, कृषि सिंचाई और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
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