IIT दिल्ली के साथ वेदांता एल्युमीनियम की बड़ी कामयाबी, ऑटो सेक्टर के लिए लॉन्च किए 2 नए एडवांस मेटल

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नई दिल्ली: अनिल अग्रवाल की अगुवाई वाली वेदांता एल्युमीनियम ने ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए दो नए उन्नत मेटल उत्पाद लॉन्च किए हैं। कंपनी ने ये उत्पाद IIT दिल्ली के सहयोग से विकसित किए हैं। नए उत्पादों का उद्देश्य वाहनों में इस्तेमाल होने वाले मेटल पार्ट्स को अधिक मजबूत, टिकाऊ और हल्का बनाना है।

कंपनी ने अपने विशेष कार्यक्रम ‘AutoEdge 2026’ के दूसरे सीजन में अपनी Primary Foundry Alloy (PFA) रेंज के तहत इन दोनों उत्पादों को पेश किया।

कौन से हैं ये दो नए उत्पाद?

वेदांता एल्युमीनियम ने Copper-Doped Alloy और Vedanta Foundry Alloy (VFA) लॉन्च किए हैं।

Copper-Doped Alloy को खास तौर पर हाई-परफॉर्मेंस ऑटोमोटिव एप्लीकेशन के लिए तैयार किया गया है। इसका इस्तेमाल इंजन, ट्रांसमिशन और पावरट्रेन जैसे महत्वपूर्ण हिस्सों में किया जा सकता है। कंपनी के मुताबिक इसमें तांबे के गुणों के कारण मजबूती और टिकाऊपन बढ़ता है।

वहीं Vedanta Foundry Alloy (VFA) को IIT दिल्ली के सहयोग से विकसित किया गया है। यह एक वर्सटाइल मटीरियल है, जिसे पारंपरिक वाहनों के साथ-साथ Electric Vehicles (EVs) के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

‘Make in India’ को मिलेगा बढ़ावा

वेदांता एल्युमीनियम के CEO राजेश कुमार के मुताबिक भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री तेजी से बदल रही है और वाहन निर्माता अब हल्के लेकिन मजबूत मटीरियल की मांग कर रहे हैं। कंपनी का कहना है कि इन नए उत्पादों से भारत में एडवांस ऑटोमोटिव मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा और देश को ग्लोबल ऑटो मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने में मदद मिलेगी।

1.25 मिलियन टन सालाना बिलेट क्षमता की ओर कंपनी

वेदांता एल्युमीनियम ने बताया कि छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित BALCO प्लांट में क्षमता विस्तार पूरा होने के बाद कंपनी की प्राथमिक बिलेट उत्पादन क्षमता 1.25 मिलियन टन प्रति वर्ष तक पहुंच जाएगी।

कंपनी के पास फिलहाल करीब 380 KTPA Primary Foundry Alloy (PFA) क्षमता है। इसके ऑटोमोटिव उत्पादों का इस्तेमाल अलॉय व्हील्स, सिलेंडर हेड्स, इंजन पार्ट्स और अन्य ऑटोमोटिव कास्टिंग में किया जाता है।

कंपनी अब अपने पोर्टफोलियो में वैल्यू-एडेड एल्युमीनियम उत्पादों की हिस्सेदारी 90 प्रतिशत तक बढ़ाने पर भी काम कर रही है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह खबर?

ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में वाहनों का वजन कम करने के साथ-साथ मजबूती और सुरक्षा बनाए रखना बड़ी चुनौती है। ऐसे में एडवांस एल्युमीनियम अलॉय का इस्तेमाल पारंपरिक वाहनों और इलेक्ट्रिक वाहनों दोनों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। IIT दिल्ली के साथ मिलकर विकसित VFA इसी दिशा में एक अहम तकनीकी पहल मानी जा रही है।

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