चंडीगढ़ में गोमांस बेचने-काटने पर ₹5 लाख तक जुर्माना, मीट कारोबार के लिए NOC अनिवार्य

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नगर निगम ने नए Meat, Fish, Poultry Shops और Commercial Food Establishments Bye-Laws-2026 को दी मंजूरी; बिना NOC दुकान सील करने का प्रावधान

चंडीगढ़। चंडीगढ़ नगर निगम ने मीट, मछली, पोल्ट्री और कमर्शियल फूड कारोबार को लेकर नए नियमों को मंजूरी दी है। इन नियमों में गाय के मांस की बिक्री, भंडारण और प्रोसेसिंग पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। प्रस्तावित बायलॉज के मुताबिक प्रतिबंधित मांस, जिसमें गोमांस भी शामिल है, से जुड़े उल्लंघन पर ₹5 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

इसके साथ ही मीट की दुकान, होटल, रेस्टोरेंट, ईटिंग हाउस और क्लाउड किचन में कच्चे मांस की हैंडलिंग करने वाले कारोबारियों के लिए नगर निगम से वार्षिक NOC लेना जरूरी होगा।

बिना NOC कारोबार किया तो दुकान हो सकती है सील

नए बायलॉज के अनुसार जिन प्रतिष्ठानों को मांस का कारोबार या कच्चे मांस की हैंडलिंग करनी है, उन्हें नगर निगम से वैध NOC लेनी होगी।

बिना वैध NOC कारोबार करने पर:

  • ₹5,000 तक जुर्माने का प्रावधान
  • प्रतिष्ठान को तत्काल सील किया जा सकता है
  • संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई हो सकती है

नियम केवल पारंपरिक मीट की दुकानों तक सीमित नहीं रहेंगे। होटल, रेस्टोरेंट, ईटिंग हाउस और क्लाउड किचन भी इसके दायरे में आएंगे।

गाय का मांस बेचने या रखने पर ₹5 लाख तक जुर्माना

नए नियमों का सबसे अहम हिस्सा गाय के मांस से जुड़ा है। निगम के प्रस्ताव के अनुसार प्रतिबंधित मांस, जिसमें गाय का मांस/बीफ शामिल है, को बेचने, रखने या प्रोसेस करने पर ₹5 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

इसके अलावा मामले में पुलिस केस और आपराधिक कार्रवाई का भी प्रावधान रखा गया है।

मेयर सौरभ जोशी की ओर से सदन में गाय के मांस पर पूर्ण प्रतिबंध का प्रस्ताव रखा गया, जिसे सदन ने ध्वनिमत से मंजूरी दी।

हालांकि, खबर के अनुसार बायलॉज को अंतिम रूप से लागू करने से पहले 15 दिनों तक जनता से सुझाव और आपत्तियां मांगी जाएंगी।

जिंदा या मृत गाय के मांस पर भी रोक

नगर निगम की बैठक में कांग्रेस पार्षद गुरप्रीत सिंह गाबी ने मृत गायों के शवों के गलत इस्तेमाल का मुद्दा उठाया।

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ सुनसान स्थानों या जंगलों में मृत गायों को छोड़ दिया जाता है और इनकी आड़ में जिंदा गायों को भी काटे जाने की शिकायतें सामने आती हैं।

बैठक में मांग की गई कि जिंदा या मृत गाय के मांस की बिक्री और कटाई किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं होनी चाहिए।

सदन ने मृत गायों के शवों को नगर निगम की गौशाला में बनाए गए दाह संस्कार केंद्र तक पहुंचाने की व्यवस्था को भी मंजूरी दी।

होटल और क्लाउड किचन की भी होगी निगरानी

नए नियमों में पहली बार इस क्षेत्र के कई कारोबारों को व्यापक नियामक दायरे में लाया गया है।

मीट कारोबारियों को मांस की खरीद से जुड़े रिकॉर्ड सुरक्षित रखने होंगे। इनमें शामिल हैं:

  • मांस कहां से खरीदा गया, इसका रिकॉर्ड
  • बिल और इनवॉइस
  • खरीद रजिस्टर
  • ट्रेसिबिलिटी रिकॉर्ड
  • निर्धारित स्टांप और दस्तावेज

बिना दस्तावेज या निर्धारित मानकों के मांस की खरीद-बिक्री पाए जाने पर निगम मांस जब्त करने और प्रतिष्ठान सील करने जैसी कार्रवाई कर सकता है।

मीट कारोबार में स्वच्छता के नियम भी सख्त

नए बायलॉज में केवल लाइसेंस और NOC ही नहीं, बल्कि हाइजीन और स्टोरेज को लेकर भी नियम बनाए गए हैं।

जहां ताजा कच्चे मांस की हैंडलिंग होगी, वहां निर्धारित मानकों के अनुसार:

  • एयर-कंडीशनिंग व्यवस्था
  • उचित वर्कस्टेशन
  • डीप फ्रीजर
  • स्वच्छ भंडारण व्यवस्था
  • मांस की ट्रेसिबिलिटी

जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी होंगी।

उल्लंघन मिलने पर नगर निगम जुर्माना, मांस जब्ती और प्रतिष्ठान को सील करने की कार्रवाई कर सकता है।

क्या होगा आम लोगों और कारोबारियों पर असर?

इस फैसले का सबसे सीधा असर चंडीगढ़ के मीट दुकानदारों, होटल, रेस्टोरेंट और क्लाउड किचन संचालकों पर पड़ेगा। कारोबारियों को अब अपने दस्तावेज और खरीद रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने होंगे और नगर निगम की NOC व्यवस्था का पालन करना होगा।

वहीं, आम उपभोक्ताओं के लिए मांस की स्रोत-ट्रेसिबिलिटी और स्वच्छता मानकों को लागू करने का उद्देश्य खाद्य सुरक्षा और नियमन को मजबूत करना बताया गया है।

ACTION BHARAT के लिए मुख्य बातें

BIG UPDATE: चंडीगढ़ में गोमांस पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान

₹5 लाख तक: प्रतिबंधित मांस से जुड़े उल्लंघन पर जुर्माना

NOC जरूरी: मीट दुकान, होटल, रेस्टोरेंट और क्लाउड किचन के लिए

दुकान सील: बिना NOC कारोबार मिलने पर कार्रवाई

पुलिस केस: गाय काटने या प्रतिबंधित मांस से जुड़े उल्लंघन पर आपराधिक कार्रवाई का प्रावधान

15 दिन: अंतिम लागू होने से पहले सुझाव और आपत्तियां मांगी जाएंगी

नोट: यह खबर आपके द्वारा उपलब्ध कराए गए 20 अगस्त 2026 के जागरण समाचार-पाठ के आधार पर तैयार की गई है। नियमों के अंतिम लागू होने से पहले इसमें बदलाव संभव है।

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