नई दिल्ली (Action Bharat) । अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापारिक तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ट्रेड डील पर अंतिम समय में सहमति नहीं बनने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा पर तीखा हमला बोला।
ट्रंप ने आरोप लगाया कि कनाडा अमेरिका का राज्य बने बिना अमेरिकी राज्य जैसी व्यापारिक सुविधाओं का फायदा उठाना चाहता है। उन्होंने यह भी कहा कि कनाडा लंबे समय से अमेरिकी किसानों के उत्पादों पर भारी टैरिफ लगाता रहा है और अब इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विवाद के बीच अमेरिका ने करीब 20 अरब डॉलर मूल्य के कनाडाई सामान पर 50 प्रतिशत टैरिफ लागू कर दिया है।
आखिर डील क्यों टूटी?
अमेरिका और कनाडा के बीच ऑटोमोबाइल, स्टील, एल्युमीनियम और लकड़ी जैसे उत्पादों पर टैरिफ कम करने को लेकर बातचीत चल रही थी। लेकिन कनाडा ने मध्यम और भारी वाहनों, खासकर पिकअप ट्रकों और कमर्शियल वाहनों को भी टैरिफ छूट में शामिल करने की मांग की। अमेरिका ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया और बातचीत टूट गई।
कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिका की नई शर्तों को आर्थिक रूप से नुकसानदेह और अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि कनाडा अमेरिकी टैरिफ का मुकाबला करेगा।
कनाडा भी देगा जवाब
कनाडा ने 8 सितंबर से अमेरिकी उत्पादों पर जवाबी टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। इसमें स्टील, डेयरी, इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू उपकरणों जैसे सामान शामिल किए जा सकते हैं।
Action Bharat का बड़ा सवाल:
अमेरिका-कनाडा ट्रेड वॉर बढ़ा तो क्या इसका असर वैश्विक बाजार और भारत के कारोबार पर भी पड़ेगा?
