नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में पेपर लीक मामले ने सनसनी मचा दी है। पुलिस ने एक प्रोफेसर समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं।
पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी भारती एग्रीकल्चर कॉलेज दुर्ग के प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया ने सीलबंद लिफाफे में रखे प्रश्नपत्र की सील खोले बिना उसमें बेहद छोटा छेद किया और एंडोस्कोपिक कैमरे से पेपर का वीडियो बना लिया।
इसके बाद वीडियो देखकर प्रश्नपत्र को हाथ से तैयार किया गया और छात्रों तक पहुंचाया गया। पुलिस का दावा है कि पेपर 11 हजार रुपये में बेचा गया था।
जांच में यह भी सामने आया कि 20 अगस्त के एंटोमोलॉजी पेपर के अलावा 8 अगस्त को होने वाला पैथोलॉजी का प्रश्नपत्र भी कुछ छात्रों को पहले उपलब्ध कराया गया था।
परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले पेपर लीक होने की सूचना मिली, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।
पेपर लीक के इस पूरे खेल में प्रोफेसर की भूमिका सामने आने से शिक्षा व्यवस्था पर भी बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
