नई दिल्ली, 31 जुलाई। गोवा स्टेट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (GSIDC) की ओर से नई दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित द लीला पैलेस में ‘गोवा आर्किटेक्चर एंड सस्टेनेबिलिटी‘ विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में नीति-निर्माताओं, आर्किटेक्ट्स, शहरी योजनाकारों, पर्यावरण विशेषज्ञों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के विशेषज्ञों ने सतत विकास, विरासत संरक्षण और भविष्य के आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम का उद्घाटन गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत, केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत तथा राज्यसभा सांसद सदानंद शेट तनावड़े ने संयुक्त रूप से किया। दीप प्रज्ज्वलन के साथ सम्मेलन की शुरुआत हुई और गोवा के सतत एवं समावेशी विकास के विजन को प्रस्तुत किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने कहा कि गोवा की स्थापत्य विरासत केवल अतीत की धरोहर नहीं बल्कि भविष्य की पहचान भी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण, सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक तकनीक के संतुलन के साथ विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उनका कहना था कि विकास और संरक्षण साथ-साथ चलें, यही गोवा की विकास नीति का मूल उद्देश्य है।
सम्मेलन में चार प्रमुख विषयों पर विशेषज्ञ पैनल चर्चा आयोजित की गई। इनमें गोवा की आर्किटेक्चर एवं कॉन्टेक्स्चुअल डिजाइन, हेरिटेज कंजर्वेशन एवं सस्टेनेबल हैबिटेट, एनर्जी एफिशिएंसी एवं ग्रीन बिल्डिंग सर्टिफिकेशन तथा क्लाइमेट-स्मार्ट मटेरियल एवं सस्टेनेबल कंस्ट्रक्शन प्रैक्टिस शामिल रहे।
कार्यक्रम में TERI, चार्ल्स कोरिया फाउंडेशन, INTACH, GRIHA काउंसिल, वर्ल्ड बैंक, IFC, सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट, ऑरोविले अर्थ इंस्टीट्यूट, यूरोपियन यूनियन, रॉयल डेनिश एम्बेसी और नीदरलैंड्स एम्बेसी सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।
सम्मेलन के दौरान गोवा के स्थानीय उत्पादों और नवाचारों पर आधारित विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें प्रतिनिधियों ने राज्य की पारंपरिक कारीगरी, उद्यमिता और स्थानीय उत्पादों को करीब से देखा।
कार्यक्रम का समापन विशेषज्ञों द्वारा दिए गए सुझावों और निष्कर्षों के साथ हुआ। इसके बाद आयोजित नेटवर्किंग हाई-टी में सरकारी प्रतिनिधियों, उद्योग जगत, शोधकर्ताओं और नीति-निर्माताओं ने भविष्य में सहयोग और सतत विकास के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
आयोजकों के अनुसार यह राष्ट्रीय सम्मेलन गोवा को सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर, हेरिटेज कंजर्वेशन और क्लाइमेट-रेज़िलिएंट शहरी विकास के क्षेत्र में राष्ट्रीय नेतृत्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
