राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर अमित शाह का बड़ा संदेश, बोले- चुनौती समस्या बनने से पहले ही खत्म करनी होगी

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राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन में गृह मंत्री ने भविष्य की चुनौतियों की पहचान और समय रहते कार्रवाई पर दिया जोर; घुसपैठ, आतंकवाद, नारकोटिक्स और माओवाद को लेकर सरकार की रणनीति गिनाई

नई दिल्ली। राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन के दूसरे और अंतिम दिन केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर व्यापक रणनीति पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी चुनौती के बड़ी समस्या बनने का इंतजार करने के बजाय उसकी पहचान पहले ही कर उसे समाप्त करने की रणनीति तैयार करनी होगी।

अमित शाह ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संस्थानों और अधिकारियों को अगले 15 से 20 वर्षों के संभावित ट्रेंड्स का अध्ययन करना चाहिए और यह तय करना चाहिए कि भविष्य में कौन-कौन सी चुनौतियां सामने आ सकती हैं। इसके आधार पर उन्हें रोकने की रणनीति अभी से तैयार की जानी चाहिए।

🎯 विकसित भारत के लिए मजबूत आंतरिक सुरक्षा जरूरी

सम्मेलन को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश की आंतरिक सुरक्षा का मजबूत होना बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि यदि भारत को हर क्षेत्र में अग्रणी बनना है तो आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को भी लगातार मजबूत करना होगा। गृह मंत्री ने सुरक्षा एजेंसियों, राज्य पुलिस और केंद्रीय बलों के बीच बेहतर समन्वय को भविष्य की सुरक्षा रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

🎯 पहले से पहचान होती तो कई समस्याएं विकराल नहीं बनतीं

अमित शाह ने पिछली सरकारों की नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि नारकोटिक्स, माओवाद और पूर्वोत्तर से जुड़ी समस्याओं को उनके शुरुआती दौर में ही पहचान लिया गया होता, तो देश को लंबे समय तक इनका सामना नहीं करना पड़ता।

उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार ने आंतरिक सुरक्षा के इन प्रमुख क्षेत्रों में खड़ी चुनौतियों को काफी हद तक समाप्त किया है। इसके लिए उन्होंने राज्य पुलिस बलों, केंद्रीय एजेंसियों और अर्धसैनिक बलों के योगदान को महत्वपूर्ण बताया।

🎯 अगले एक वर्ष में तीनों नई न्याय संहिताओं का पूरा क्रियान्वयन

गृह मंत्री ने आपराधिक न्याय व्यवस्था को लेकर भी बड़ा लक्ष्य सामने रखा। उन्होंने कहा कि अगले एक वर्ष में तीनों नई न्याय संहिताओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जाएगा।

उनके मुताबिक, इसके बाद अगले तीन वर्षों में आपराधिक मामलों के निपटारे की प्रक्रिया को तेज किया जा सकेगा और सुप्रीम कोर्ट तक लंबित मामलों के निपटारे में भी तेजी आएगी। उन्होंने दोषसिद्धि दर में 25 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य भी बताया।

🎯 घुसपैठ रोकने पर सरकार का जोर

अमित शाह ने सीमा सुरक्षा को लेकर भी सरकार की रणनीति साझा की। उन्होंने बताया कि पिछले आठ महीनों के दौरान उन्होंने सभी सीमावर्ती राज्यों का दौरा किया और राज्यों के साथ चतुष्कोणीय सीमा सुरक्षा दृष्टिकोण से जुड़ा दस्तावेज साझा किया गया है।

गृह मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य बहुत कम समय में देश को घुसपैठ से मुक्त करना है।

उन्होंने कहा कि घुसपैठिए देश की राष्ट्रीय सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और जनसांख्यिकीय संतुलन के लिए खतरा हैं।

अमित शाह ने इस दौरान कहा कि भारत ऐसा देश नहीं है जहां अवैध रूप से आने वाले लोगों को रहने की अनुमति दी जा सके और देश में रहने का अधिकार उसके नागरिकों को है।

🎯 PFI पर कार्रवाई का उदाहरण दिया

गृह मंत्री ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के खिलाफ की गई कार्रवाई को केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय का उदाहरण बताया।

उन्होंने कहा कि सरकार ने एक ही रात में संगठन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उस पर प्रतिबंध लगाया और उसके नेटवर्क को ध्वस्त किया। शाह के मुताबिक, इस कार्रवाई में विभिन्न राज्यों की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय रहा।

🎯 आतंकवाद के खिलाफ 360 डिग्री रणनीति

अमित शाह ने आतंकवाद और कट्टरपंथ के खिलाफ कार्रवाई को लेकर भी सुरक्षा एजेंसियों को भविष्य की रणनीति पर काम करने का संदेश दिया।

उन्होंने कहा कि आतंकवाद के संपूर्ण उन्मूलन के लिए ‘प्रहार’ को केवल एक दस्तावेज तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि उसे रोजमर्रा की सुरक्षा व्यवस्था और कार्रवाई का हिस्सा बनाना होगा।

उन्होंने आतंकवादी नेटवर्क के सभी हिस्सों को एक साथ निशाना बनाने वाली 360 डिग्री रणनीति पर जोर दिया।

🎯 नारकोटिक्स के खिलाफ ‘डिटेक्ट, डिसरप्ट और डिस्ट्रॉय’

गृह मंत्री ने Narcotics Control Vision Document 2026-2029 का भी उल्लेख किया। उन्होंने राज्यों की पुलिस को इस विजन डॉक्यूमेंट को जमीन पर लागू करने के लिए काम करने का आह्वान किया।

उन्होंने नशीले पदार्थों के नेटवर्क के खिलाफ Detect, Disrupt और Destroy की रणनीति अपनाने पर जोर दिया। उनका कहना था कि नशे के कारोबार को रोकना केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं बल्कि देश की युवा पीढ़ी के भविष्य से भी जुड़ा मुद्दा है।

🎯 AI के इस्तेमाल पर भी जोर

राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते महत्व को देखते हुए अमित शाह ने युवा अधिकारियों से AI का अधिक प्रभावी इस्तेमाल करने को कहा।

उन्होंने अधिकारियों को डेटा इंटीग्रेशन, डेटा एनालिसिस और पैटर्न की पहचान के लिए AI का उपयोग करने की सलाह दी, ताकि भविष्य में संभावित खतरों की जानकारी पहले से हासिल की जा सके।

उनका जोर ऐसी Actionable Intelligence तैयार करने पर रहा, जिसके आधार पर सुरक्षा एजेंसियां किसी संभावित खतरे के सामने आने से पहले ही कार्रवाई कर सकें।

🎯 विदेशों से भगोड़ों को वापस लाने का दावा

अमित शाह ने भगोड़े अपराधियों के खिलाफ सरकार की कार्रवाई का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 से 2026 के बीच करीब 274 भगोड़ों को विदेशों से भारत वापस लाया गया।

इसके अलावा उन्होंने मल्टी एजेंसी सेंटर यानी MAC को अपग्रेड किए जाने की जानकारी दी। उनके मुताबिक, इसे ऐसा प्लेटफॉर्म बनाया गया है जो अलग-अलग आयामों से मिलने वाली सूचनाओं का विश्लेषण कर सुरक्षा एजेंसियों को बेहतर इनपुट उपलब्ध करा सके।

🎯 भविष्य की सुरक्षा नीति पर फोकस

राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन में अमित शाह का मुख्य संदेश यही रहा कि देश को केवल मौजूदा खतरों से निपटने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि भविष्य में उभरने वाली चुनौतियों का अनुमान लगाकर पहले से तैयारी करनी चाहिए।

उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों और युवा अधिकारियों से तकनीक, डेटा, AI और बेहतर अंतर-एजेंसी समन्वय का इस्तेमाल बढ़ाने का आह्वान किया।

सरकार के अनुसार, मजबूत आंतरिक सुरक्षा, प्रभावी सीमा प्रबंधन, आतंकवाद और नशीले पदार्थों के नेटवर्क पर कार्रवाई तथा आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

 

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