नई दिल्ली | दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद जारी मसौदा मतदाता सूची को लेकर उठ रहे सवालों के बीच मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय ने मतदाताओं को महत्वपूर्ण आश्वासन दिया है। कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार घर-घर सत्यापन के दौरान जिन मतदाताओं के बारे में तत्काल जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी, उन्हें अलग-अलग श्रेणियों में चिह्नित किया गया है। इसका अर्थ यह नहीं है कि इन मतदाताओं के नाम स्वतः अंतिम मतदाता सूची से बाहर कर दिए गए हैं।
मतदाताओं को अपनी स्थिति स्पष्ट करने और आवश्यक दावे-आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया गया है।
घर-घर सत्यापन के दौरान क्या सामने आया?
SIR की प्रक्रिया के दौरान चुनाव अधिकारियों ने मतदाताओं की जानकारी का घर-घर जाकर सत्यापन किया।
इस दौरान कुछ ऐसे मतदाता भी मिले जो संबंधित पते पर उपलब्ध नहीं थे। इसके अलावा कुछ मतदाताओं के बारे में पता चला कि वे स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर चले गए हैं, कुछ मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है और कुछ मामलों में एक से अधिक स्थानों पर नाम दर्ज होने की संभावना सामने आई।
ऐसे मामलों को अलग से चिह्नित किया गया है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार इन्हें ASDD श्रेणी में रखा गया है। ASDD में ऐसे मतदाताओं से जुड़े मामले शामिल किए गए हैं जिनमें सत्यापन के दौरान अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या दोहरे नाम जैसी स्थिति सामने आई।
ASDD में नाम आने का मतलब नाम कटना नहीं
मतदाताओं के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि किसी व्यक्ति का नाम ASDD श्रेणी में दिखाई दे रहा है तो क्या उसका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है?
CEO कार्यालय ने इस आशंका को दूर करते हुए कहा है कि ASDD में चिह्नित होना अपने आप में नाम हटाए जाने का अंतिम निर्णय नहीं है।
यदि कोई व्यक्ति पात्र मतदाता है और उसका नाम मसौदा सूची में नहीं है या उसके नाम को लेकर कोई आपत्ति है, तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना दावा प्रस्तुत कर सकता है।
यही वजह है कि चुनाव कार्यालय ने मतदाताओं से अपील की है कि वे मसौदा मतदाता सूची की जांच करें और किसी भी तरह की गलती होने पर निर्धारित समयसीमा के भीतर दावा या आपत्ति दाखिल करें।
गणना प्रपत्र नहीं मिलने वाले मामलों को पांच श्रेणियों में रखा गया
CEO कार्यालय के मुताबिक जिन मामलों में गणना प्रपत्र उपलब्ध नहीं हो सके, उन्हें भी अलग-अलग कारणों के आधार पर वर्गीकृत किया गया है।
इनमें मुख्य रूप से:
- मृत मतदाता
- अनुपस्थित या अनट्रेसेबल मतदाता
- स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाता
- पहले से नामांकित मतदाता
- अन्य श्रेणी
शामिल हैं।
इस वर्गीकरण का उद्देश्य सत्यापन प्रक्रिया के दौरान सामने आए मामलों को अलग-अलग पहचानना है, ताकि वास्तविक पात्र मतदाताओं को अपने दावे के समर्थन में आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर मिल सके।
30 सितंबर तक दाखिल किए जा सकेंगे दावे और आपत्तियां
मतदाता सूची में नाम को लेकर किसी भी तरह की समस्या होने पर सबसे महत्वपूर्ण तारीख 30 सितंबर 2026 है।
जिन पात्र मतदाताओं का नाम मसौदा मतदाता सूची में नहीं है या जिनकी जानकारी गलत दर्ज हुई है, वे 30 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दाखिल कर सकते हैं।
इसलिए जिन लोगों ने SIR के बाद अपनी मतदाता स्थिति को लेकर कोई समस्या देखी है, उन्हें अंतिम सूची का इंतजार करने के बजाय निर्धारित समयसीमा के भीतर अपनी आपत्ति या दावा दर्ज करना चाहिए।
4 नवंबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची
दावे और आपत्तियां प्राप्त होने के बाद संबंधित मामलों की जांच और प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
इसके बाद दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
इसका मतलब यह है कि वर्तमान मसौदा सूची को अंतिम सूची नहीं माना जाना चाहिए। दावा-आपत्ति प्रक्रिया के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने, गलतियों को सुधारने और अन्य जरूरी बदलावों की प्रक्रिया जारी रहेगी।
कांग्रेस और AAP की आपत्तियों पर भी CEO कार्यालय का जवाब
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक दलों की ओर से भी सवाल उठाए गए हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने बताया कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) की ओर से उठाई गई चिंताओं और सवालों का जवाब दिया गया है।
CEO कार्यालय ने दोनों दलों को अलग-अलग पत्र भेजकर उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों पर विस्तृत जवाब दिया है।
इससे साफ है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया केवल प्रशासनिक स्तर पर ही नहीं, बल्कि राजनीतिक दलों की निगरानी और आपत्तियों के बीच भी आगे बढ़ रही है।
मतदाताओं के लिए क्या जरूरी है?
SIR के बाद मसौदा मतदाता सूची को लेकर किसी भी मतदाता को अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना चाहिए।
1. अपना नाम जांचें
मतदाता को यह देखना चाहिए कि उसका नाम मसौदा मतदाता सूची में मौजूद है या नहीं।
2. नाम नहीं है तो दावा करें
यदि व्यक्ति पात्र मतदाता है लेकिन उसका नाम सूची में नहीं है, तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा दाखिल करना चाहिए।
3. गलत जानकारी होने पर आपत्ति दें
नाम, पता या अन्य मतदाता विवरण में गलती होने पर भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुधार के लिए आवेदन किया जा सकता है।
4. समयसीमा का ध्यान रखें
दावे और आपत्तियां 30 सितंबर 2026 तक दाखिल की जा सकती हैं।
5. अंतिम सूची की तारीख याद रखें
दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया के बाद 4 नवंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
CEO कार्यालय का स्पष्ट संदेश
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय का संदेश है कि पुनरीक्षण प्रक्रिया का उद्देश्य पात्र मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करना नहीं, बल्कि मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है।
कार्यालय ने कहा है कि एक भी पात्र मतदाता का नाम नहीं काटा जाएगा।
हालांकि, मतदाताओं की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण है। यदि किसी पात्र नागरिक का नाम मसौदा सूची में नहीं है या उसके रिकॉर्ड को लेकर कोई समस्या है, तो उसे निर्धारित समयसीमा के भीतर दावा या आपत्ति दाखिल करनी होगी।
राजनीतिक विवाद के बीच प्रशासनिक प्रक्रिया पर नजर
दिल्ली में मतदाता सूची का पुनरीक्षण राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील मुद्दा बन गया है। विपक्षी दलों की ओर से उठाई गई चिंताओं और चुनाव कार्यालय की ओर से दिए गए जवाबों के बीच अब सबसे महत्वपूर्ण चरण दावा-आपत्ति प्रक्रिया है।
आखिरकार कौन से नाम अंतिम सूची में शामिल होंगे और किन मामलों में बदलाव किया जाएगा, इसका वास्तविक आकलन 4 नवंबर को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची से ही होगा।
News for Action Bharat की नजर
मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियादी जरूरत है। इसलिए किसी भी पात्र नागरिक का नाम सूची से बाहर न हो और गलत या दोहरे नामों की पहचान भी सही प्रक्रिया के तहत हो—दोनों बातें महत्वपूर्ण हैं।
CEO कार्यालय का आश्वासन महत्वपूर्ण है कि कोई पात्र मतदाता अपना अधिकार नहीं खोएगा, लेकिन अब इस आश्वासन की वास्तविक परीक्षा दावा-आपत्ति प्रक्रिया में होगी।
30 सितंबर तक नागरिकों को अपने नाम और विवरण की जांच कर लेनी चाहिए। जिन लोगों का नाम छूट गया है या जिनके रिकॉर्ड में कोई गड़बड़ी है, उन्हें समयसीमा के भीतर अपनी आपत्ति या दावा दर्ज करना चाहिए।
अंतिम मतदाता सूची: 4 नवंबर 2026
