जंतर-मंतर प्रदर्शन में सिर में फ्रैक्चर के दावे पर विवाद, दिल्ली पुलिस ने कहा- मेडिकल रिपोर्ट में पुष्टि नहीं

दिल्ली

नई दिल्ली | दिल्ली के जंतर-मंतर पर 23 जुलाई को हुए कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान एक प्रदर्शनकारी के घायल होने का मामला एक बार फिर चर्चा में है। प्रदर्शनकारी के सिर में फ्रैक्चर होने के दावे को दिल्ली पुलिस ने बेबुनियाद बताया है। पुलिस के मुताबिक मेडिकल जांच और मेडिको-लीगल केस (MLC) रिपोर्ट में सिर की हड्डी में फ्रैक्चर की पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान हुई हाथापाई में गाजियाबाद निवासी 38 वर्षीय संजय कुमार घायल हुए थे। पुलिस के अनुसार उनके सिर पर चोट किसी हथियार से नहीं बल्कि हाथ में पहने गए कड़े से लगी थी और चिकित्सकीय जांच में चोट को साधारण श्रेणी में रखा गया।

हालांकि, दूसरी ओर CJP से जुड़े लोगों ने इस घटना को गंभीर बताते हुए आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। सोशल मीडिया पर सामने आए एक इंटरव्यू को लेकर भी विवाद है, जिसमें एक व्यक्ति द्वारा कथित तौर पर हमले में शामिल होने और सिर फोड़ने की बात कहे जाने का दावा किया जा रहा है।

पुलिस ने क्या कहा?

नई दिल्ली जिले के डीसीपी सचिन शर्मा के अनुसार, घायल संजय कुमार के बयान के आधार पर संसद मार्ग थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया था।

पुलिस के मुताबिक घटना के बाद मौके से संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया गया और मामले की जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान सूरज कुमार और स्वतंत्र भारद्वाज को कानूनी प्रक्रिया के तहत नोटिस देकर पूछताछ की गई। पुलिस का कहना है कि मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर ली गई है और जल्द ही संबंधित अदालत में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

सिर में फ्रैक्चर के दावे पर पुलिस की सफाई

दिल्ली पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों में प्रदर्शनकारी के सिर में फ्रैक्चर होने की बात कही जा रही थी, लेकिन उपलब्ध मेडिकल दस्तावेजों में इसकी पुष्टि नहीं हुई।

पुलिस के अनुसार अस्पताल में चिकित्सकीय जांच के बाद चोट को साधारण श्रेणी में रखा गया था।

पुलिस ने यह भी कहा है कि चोट किसी धारदार या अन्य हथियार से नहीं लगी थी, बल्कि हाथापाई के दौरान एक प्रदर्शनकारी के हाथ में पहने कड़े से चोट लगी।

इस आधार पर पुलिस ने सिर में फ्रैक्चर से जुड़े दावों को तथ्यहीन बताया है।

CJP की ओर से क्या आरोप लगाए गए?

CJP की ओर से इस घटना को लेकर पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि नीट पेपर लीक आंदोलन के दौरान एक छात्र नीशू के पिता संजय कुमार के साथ मारपीट हुई थी।

CJP के प्रवक्ता सौरभ दास के मुताबिक पार्टी के सदस्य शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचकर मामले में कार्रवाई की मांग करेंगे।

पार्टी की ओर से यह भी कहा गया है कि हाल ही में सोशल मीडिया पर प्रसारित एक इंटरव्यू में स्वतंत्र भारद्वाज नाम के व्यक्ति ने कथित तौर पर घटना में शामिल होने और सिर फोड़ने की बात कही है।

हालांकि, इस कथित बयान और घटना में उसकी भूमिका को लेकर अंतिम स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।

पुलिस ने बाहरी दबाव के आरोपों को भी नकारा

मामले की जांच को लेकर किसी बाहरी प्रभाव या हस्तक्षेप के आरोप भी लगाए गए हैं। दिल्ली पुलिस ने ऐसे आरोपों को तथ्यहीन बताया है।

पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर कार्रवाई की गई है तथा जांच के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

अब मामले में आगे क्या होगा?

इस मामले में दो अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। एक तरफ पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट में सिर के फ्रैक्चर की पुष्टि नहीं हुई और चोट साधारण थी। दूसरी तरफ प्रदर्शन से जुड़े लोग हमले को गंभीर बताते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

अब मामले में प्रस्तावित चार्जशीट और अदालत के समक्ष पेश किए जाने वाले साक्ष्य महत्वपूर्ण होंगे। मेडिकल रिकॉर्ड, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य और सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित वीडियो या इंटरव्यू की जांच से घटना की वास्तविक स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।

News for Action Bharat की नजर

जंतर-मंतर जैसे संवेदनशील प्रदर्शन स्थल पर किसी व्यक्ति के घायल होने का मामला केवल एक पक्ष के दावे के आधार पर तय नहीं किया जा सकता। पुलिस का मेडिकल रिकॉर्ड संबंधी दावा और प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए आरोप—दोनों को जांच के दायरे में देखा जाना जरूरी है।

मामले में अंतिम तथ्य जांच और न्यायिक प्रक्रिया से ही स्पष्ट होंगे। फिलहाल दिल्ली पुलिस ने फ्रैक्चर के दावे को खारिज किया है, जबकि CJP की ओर से घटना में गंभीर कार्रवाई की मांग जारी है।

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