नई दिल्ली: क्रिकेट में गेंदबाज रन-अप लेकर गेंद डालते हैं, लेकिन इंग्लैंड के क्लब क्रिकेटर सैम बोडोआनो ने रन-अप की परिभाषा ही बदल दी। उन्होंने एक मैच की सिर्फ पहली गेंद डालने के लिए करीब 100 किलोमीटर की दौड़ पूरी की और इसके बाद मैदान पर पहुंचकर गेंदबाजी की। उनका यह असाधारण प्रयास करीब 14 घंटे चला।
बोडोआनो ने लंदन स्थित ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड से दौड़ शुरू की और सरे के वोकिंग स्थित वैली एंड क्रिकेट क्लब पहुंचकर मैच की पहली गेंद डाली। इस पूरी कोशिश का मकसद केवल रिकॉर्ड बनाना नहीं था, बल्कि कैंसर चैरिटी के लिए धन जुटाना भी था।
आधी रात को शुरू हुआ 100 किमी का सफर
सैम बोडोआनो ने शनिवार रात करीब आधी रात को लॉर्ड्स से अपनी दौड़ शुरू की। इसके बाद वह पूरी रात दौड़ते हुए रविवार दोपहर वैली एंड क्रिकेट क्लब पहुंचे।
करीब 14 घंटे तक चलने वाली इस चुनौती के बाद उन्होंने मैदान पर पहुंचकर मैच की शुरुआती गेंद फेंकी। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने निर्धारित दूरी पूरी करने के बाद अपने पिता को ही उस ऐतिहासिक गेंद का सामना कराया।
यानी जिस रन-अप को आमतौर पर गेंदबाज कुछ दर्जन मीटर में पूरा करते हैं, बोडोआनो ने उसे एक अल्ट्रा-डिस्टेंस रनिंग चैलेंज में बदल दिया।
रिकॉर्ड के लिए पहननी पड़ी पूरी क्रिकेट ड्रेस
बोडोआनो के सामने चुनौती सिर्फ 100 किलोमीटर दौड़ने की नहीं थी। Guinness World Records के नियमों के तहत रिकॉर्ड प्रयास को मान्यता दिलाने के लिए उन्हें पूरी दूरी क्रिकेट की सफेद ड्रेस पहनकर और गेंद हाथ में लेकर तय करनी थी।
इसके बाद उन्हें उसी गेंद से मैच की पहली डिलीवरी करनी थी और मुकाबले में भी हिस्सा लेना था।
बोडोआनो ने बताया कि इतने लंबे समय तक गेंद हाथ में पकड़े रखना काफी मुश्किल था। लगातार दौड़ने के कारण उनके पैर पूरी तरह थक गए थे, लेकिन समर्थकों की मदद और चुनौती के उद्देश्य ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
पुराने रिकॉर्ड से कई गुना ज्यादा दूरी
अगर Guinness World Records की ओर से उनका प्रयास आधिकारिक रूप से मंजूर होता है, तो बोडोआनो मौजूदा पुरुष रिकॉर्ड को बड़े अंतर से पीछे छोड़ देंगे।
इससे पहले टॉम डन ने अगस्त 2024 में करीब 24 किलोमीटर का रन-अप पूरा कर यह रिकॉर्ड बनाया था। उन्होंने लंदन के Bethnal Green से Wandsworth Common तक दौड़ लगाकर मैच की गेंद फेंकी थी।
इसके मुकाबले बोडोआनो ने लगभग 100 किलोमीटर की दूरी तय की है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार उनका ट्रैकिंग रूट 100 किलोमीटर से थोड़ा अधिक, करीब 101.38 किलोमीटर तक गया, ताकि रिकॉर्ड के लिए निर्धारित दूरी से कम दर्ज होने का जोखिम न रहे।
मैच की पहली गेंद पिता को डाली
इस पूरी कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा यह रहा कि 100 किलोमीटर दौड़ने के बाद बोडोआनो ने जिस बल्लेबाज को गेंद डाली, वह कोई और नहीं बल्कि उनके पिता थे।
वैली एंड क्रिकेट क्लब पहुंचने के बाद उन्होंने मैच की पहली गेंद फेंकी और फिर मुकाबले में भी हिस्सा लिया। इतनी लंबी दौड़ के बावजूद वह मैच में खेलने में सफल रहे। रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने अपनी पारी में दो छक्के भी लगाए, हालांकि उनकी टीम को मुकाबले में एक रन से हार का सामना करना पड़ा।
चैरिटी के लिए जुटाए करीब 6 हजार पाउंड
बोडोआनो का यह प्रयास सामाजिक उद्देश्य से भी जुड़ा था। उन्होंने The Ruth Strauss Foundation के लिए लगभग £6,000 जुटाए।
यह फाउंडेशन इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस ने अपनी दिवंगत पत्नी रूथ की याद में शुरू किया था। फाउंडेशन का उद्देश्य गंभीर बीमारी और पारिवारिक मुश्किलों से प्रभावित परिवारों की मदद करना है।
इस तरह बोडोआनो ने अपने दो शौक—क्रिकेट और लंबी दूरी की दौड़—को एक ही चुनौती में जोड़ दिया।
‘बहुत थक गया हूं, लेकिन मकसद शानदार था’
अपनी चुनौती पूरी करने के बाद बोडोआनो ने माना कि यह सफर बेहद मुश्किल था। उन्होंने कहा कि वह काफी थक चुके थे और उनकी नींद भी पूरी नहीं हुई थी, लेकिन यह सब एक अच्छे मकसद के लिए किया गया था।
उनका कहना था कि उन्होंने अपनी जिंदगी का बड़ा हिस्सा क्रिकेट खेलते हुए बिताया है और वह सोशल मीडिया पर भी अलग-अलग तरह की एथलेटिक चुनौतियां करते रहते हैं। इसलिए क्रिकेट और अल्ट्रा-मैराथन को जोड़कर कुछ अलग करने का विचार उन्हें बेहद पसंद आया।
क्या Guinness रिकॉर्ड अब आधिकारिक होगा?
यहां एक महत्वपूर्ण बात यह है कि 100 किलोमीटर की दौड़ पूरी कर लेने के बावजूद Guinness World Record ने अभी इस उपलब्धि को आधिकारिक रूप से मंजूर नहीं किया है।
बोडोआनो ने रिकॉर्ड के लिए अपना प्रयास और संबंधित सबूत जमा कर दिए हैं। अब Guinness World Records की टीम इसकी औपचारिक जांच करेगी। संगठन के मुताबिक, सबूतों की समीक्षा में करीब दो सप्ताह तक का समय लग सकता है और इसके बाद ही रिकॉर्ड को आधिकारिक मान्यता दी जा सकती है।
इसलिए फिलहाल इसे रिकॉर्ड का सफल प्रयास कहना ज्यादा सटीक है, आधिकारिक विश्व रिकॉर्ड कहना नहीं।
क्रिकेट के इतिहास में अनोखा रन-अप
सैम बोडोआनो का यह प्रयास इसलिए भी खास है क्योंकि इसमें क्रिकेट और अल्ट्रा-रनिंग दोनों का अनोखा मेल देखने को मिला। एक तरफ उन्होंने 100 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय की, दूसरी तरफ उसी सफर के अंत में क्रिकेट की गेंद हाथ में लेकर मैच की पहली डिलीवरी भी की।
अब सभी की नजर Guinness World Records की अंतिम जांच पर है। अगर उनका प्रयास स्वीकृत हो जाता है तो 24 किलोमीटर के पुराने रिकॉर्ड के मुकाबले करीब 100 किलोमीटर का यह रन-अप क्रिकेट में सबसे लंबे रन-अप का नया आधिकारिक रिकॉर्ड बन जाएगा।
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