अंतरराष्ट्रीय (Action Bharat) | अमेरिका के शिकागो में भीषण गर्मी का असर अब शहर के बुनियादी ढांचे पर भी दिखाई देने लगा है। डाउनटाउन इलाके में एक लोहे का ड्रॉब्रिज कई घंटों तक हवा में ही अटका रहा, जिसके चलते शहर के प्रमुख मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई और बड़ी संख्या में गाड़ियां फंस गईं।
यह घटना बीते बुधवार की बताई जा रही है। यह पुल जहाजों की आवाजाही के लिए ऊपर उठाया जाता है और जहाज के गुजरने के बाद दोबारा नीचे आकर सड़क यातायात के लिए खुल जाता है। लेकिन इस बार पुल को नीचे करने की कोशिश के बावजूद वह अपनी जगह पर वापस नहीं आ सका।
गर्मी से धातु फैली, मैकेनिज्म हुआ प्रभावित
परिवहन अधिकारियों के अनुसार पुल के अटकने की मुख्य वजह अत्यधिक गर्मी थी। तेज तापमान के कारण पुल में इस्तेमाल धातु गर्म होकर फैल गई।
इंजीनियरिंग के अनुसार धातु के गर्म होने पर उसके आकार में थोड़ा विस्तार होता है। इसे थर्मल एक्सपैंशन (Thermal Expansion) कहा जाता है। ड्रॉब्रिज जैसे बड़े ढांचे में तापमान बढ़ने पर यह विस्तार उसके जोड़, गियर और दूसरे यांत्रिक हिस्सों की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकता है।
बताया गया कि पुल को ऊपर उठाए जाने के बाद जब उसे वापस नीचे लाने का प्रयास किया गया तो गर्मी से हुए धातु के फैलाव के कारण उसका मैकेनिज्म ठीक से काम नहीं कर पाया और पुल हवा में ही रुक गया।
घंटों बाधित रही वाहनों की आवाजाही
पुल के नीचे नहीं आने की वजह से सड़क मार्ग पर यातायात को रोकना पड़ा। इससे आसपास के इलाकों में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
ड्रॉब्रिज का इस्तेमाल जहाजों को रास्ता देने के लिए नियमित रूप से किया जाता है, लेकिन इस तरह पुल का बीच में अटक जाना असामान्य स्थिति मानी गई।
पानी की बौछार से पुल को किया गया ठंडा
पुल को दोबारा सामान्य स्थिति में लाने के लिए इंजीनियरों की टीम को मौके पर बुलाया गया। टीम ने पुल के गर्म हिस्सों को पानी की बौछार से ठंडा करने का काम शुरू किया।
जैसे-जैसे धातु का तापमान कम हुआ और उसका फैलाव सामान्य स्थिति में आया, पुल के मैकेनिकल हिस्सों ने दोबारा काम करना शुरू किया। इसके बाद ड्रॉब्रिज को नीचे लाया जा सका और यातायात को धीरे-धीरे बहाल किया गया।
भीषण गर्मी ने बढ़ाई बुनियादी ढांचे की चुनौती
शिकागो की यह घटना दिखाती है कि अत्यधिक तापमान का असर केवल लोगों के स्वास्थ्य और रोजमर्रा की जिंदगी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि सड़कों, पुलों और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर की कार्यप्रणाली पर भी पड़ सकता है।
ड्रॉब्रिज के मामले में धातु के तापीय फैलाव ने ऐसा प्रभाव डाला कि जहाजों के लिए खोला गया पुल निर्धारित समय पर वापस नीचे नहीं आ सका और कई घंटों तक यातायात प्रभावित रहा।
