अंतरराष्ट्रीय (Action Bharat) | रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के जल्द खत्म होने की उम्मीदों के बीच यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बड़ा बयान दिया है। अमेरिकी दूतों के साथ कीव में हुई बातचीत के बाद जेलेंस्की ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए युद्ध सर्दियों तक जारी रह सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यूक्रेन अमेरिका और अपने यूरोपीय सहयोगियों के साथ किसी समझौते तक पहुंचने की कोशिश जारी रखेगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जेरेड कुशनर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात के एक दिन बाद कीव पहुंचे थे। कीव में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की यह पहली यात्रा बताई जा रही है। बातचीत को दोनों पक्षों ने सकारात्मक और सार्थक बताया, लेकिन युद्ध समाप्त करने को लेकर किसी ठोस समझौते की घोषणा नहीं हुई।
जेलेंस्की बोले- सर्दियों में भी जारी रह सकता है युद्ध
जेलेंस्की ने बातचीत के बाद कहा कि यूक्रेन को अमेरिकी सहयोगियों के साथ किसी समझौते तक पहुंचने की उम्मीद है। हालांकि उन्होंने संकेत दिया कि यदि मौजूदा स्थिति जारी रहती है तो युद्ध सर्दियों तक खिंच सकता है।
उन्होंने अमेरिका के साथ-साथ फ्रांस और जर्मनी के साथ भी आगे बातचीत करने की बात कही। जेलेंस्की का कहना है कि यूरोपीय सहयोगियों का समर्थन भी यूक्रेन के लिए महत्वपूर्ण है।
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने एक बार फिर इस बात पर जोर दिया कि क्षेत्रीय विवाद के समाधान के लिए केवल निचले स्तर की बातचीत पर्याप्त नहीं होगी। उनके मुताबिक इसके लिए शीर्ष नेताओं के बीच सीधी बैठक जरूरी है।
अमेरिकी दूतों ने कहा- दोनों पक्षों को करना होगा समझौता
अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ ने कीव में बातचीत को सार्थक और महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि शांति तक पहुंचने के लिए रूस और यूक्रेन दोनों को समझौता करना होगा।
जेरेड कुशनर ने भी कहा कि कीव यात्रा से आगे बढ़ने के नए रास्ते निकलने की उम्मीद है। दोनों अमेरिकी प्रतिनिधि इससे पहले मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात कर चुके हैं।
अमेरिकी प्रशासन की कोशिश है कि रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए चल रही कूटनीतिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए। गर्मियों में संघर्ष तेज होने के बाद युद्धविराम की कोशिशों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिर से गतिविधियां बढ़ी हैं।
रूस की मांग और यूक्रेन की आपत्ति
रूस और यूक्रेन के बीच सबसे बड़ा विवाद कब्जे वाले क्षेत्रों को लेकर बना हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार मॉस्को उन क्षेत्रों पर अपने दावे को मान्यता दिलाना चाहता है, जिन्हें वह रूसी क्षेत्र मानता है। वहीं, कीव इन शर्तों को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है।
रूस पूर्वी और दक्षिणी यूक्रेन के बड़े हिस्सों पर नियंत्रण बनाए हुए है और मॉस्को की ओर से आगे भी सैन्य बढ़त हासिल करने की बात कही जाती रही है। ऐसे में क्षेत्रीय मुद्दा किसी भी शांति समझौते की राह में सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बना हुआ है।
कीव का हवाई क्षेत्र अभी भी बंद
2022 में रूस के व्यापक सैन्य अभियान की शुरुआत के बाद से यूक्रेन का हवाई क्षेत्र बंद है। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भी कीव पहुंचने के लिए ट्रेन से आया। जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन ने अपने हवाई अड्डों को दोबारा संचालित करने के लिए तैयारी की है, लेकिन रूसी हमलों के कारण हवाई मार्ग से यात्रा संभव नहीं है।
कीव रेलवे स्टेशन पर अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के पहुंचने के दौरान वहां ‘पीस एक्सप्रेस’ संदेश भी दिखाई दिया।
युद्ध में जारी हैं हमले, जान-माल का भारी नुकसान
शांति वार्ता और संघर्ष विराम की कोशिशों के बावजूद रूस और यूक्रेन के बीच अलग-अलग मोर्चों पर लड़ाई जारी है। यूक्रेनी वायुसेना के अनुसार रूस ने रात के दौरान 108 ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया। वहीं रूस ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने 258 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए।
यूक्रेन ने यह भी कहा कि शनिवार को हुए रूसी हमलों में 11 वर्षीय बच्चे समेत 10 लोगों की मौत हुई।
रूस-यूक्रेन युद्ध की शुरुआत के बाद से बड़ी संख्या में लोग मारे गए हैं और लाखों लोगों को अपना घर छोड़कर विस्थापित होना पड़ा है। ऐसे में अमेरिकी मध्यस्थता और यूरोपीय देशों की भागीदारी के बावजूद तत्काल युद्धविराम की राह अभी भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
अब निगाहें अगली बातचीत पर
मॉस्को और कीव की हालिया कूटनीतिक गतिविधियों से बातचीत की प्रक्रिया आगे बढ़ने के संकेत जरूर मिले हैं, लेकिन दोनों पक्षों की मांगों में बड़ा अंतर बना हुआ है। अमेरिकी दूतों ने संभावित समझौते के कुछ विचारों पर चर्चा की है और अमेरिकी प्रशासन की ओर से आने वाले हफ्तों में ठोस योजनाओं की घोषणा किए जाने की बात कही गई है।
ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अमेरिकी मध्यस्थता रूस और यूक्रेन को किसी स्वीकार्य समझौते तक पहुंचा पाएगी, या युद्ध एक और सर्दी तक जारी रहेगा?
