सत्य निकेतन हादसे में शुभम त्यागी ने कोर्ट में किया सरेंडर, सुधांशु के सामने बैठाकर होगी पूछताछ

क्राइम

नई दिल्ली (Action Bharat) | दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में निर्माणाधीन भवन का हिस्सा गिरने से हुए दर्दनाक हादसे के मामले में शुक्रवार को एक और आरोपित ने अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। पीजी संचालन से जुड़े आरोपित शुभम त्यागी ने पटियाला हाउस कोर्ट में सरेंडर किया। इसके बाद अदालत ने उसे दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

पुलिस अब शुभम त्यागी और मामले के दूसरे आरोपित सुधांशु को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी। जांच एजेंसी का कहना है कि दोनों के बयानों का मिलान करना जरूरी है, ताकि हादसे से पहले और घटना के दौरान उनकी भूमिका तथा भवन से जुड़े अन्य तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सके।

दोनों आरोपितों से आमने-सामने पूछताछ

पटियाला हाउस कोर्ट में दिल्ली पुलिस ने शुभम त्यागी और सुधांशु की दो दिन की पुलिस हिरासत मांगी थी। पुलिस ने अदालत को बताया कि दोनों आरोपितों से आमने-सामने पूछताछ कर उनके बयानों का मिलान किया जाना आवश्यक है।

जांच के दौरान पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसे वाली इमारत में पीजी संचालन से जुड़े दोनों आरोपितों की क्या भूमिका थी और भवन निर्माण से संबंधित गतिविधियों की उन्हें कितनी जानकारी थी।

शुभम त्यागी का मोबाइल फोन भी करना है बरामद

पुलिस ने अदालत को यह भी बताया कि शुभम त्यागी का मोबाइल फोन बरामद करना जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मोबाइल फोन से हादसे से पहले की बातचीत, संपर्क और भवन से जुड़े लोगों के साथ संभावित संवाद की जानकारी मिलने की उम्मीद है।

पुलिस हादसे से जुड़े अन्य तथ्यों और आरोपितों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद किया सरेंडर

शुभम त्यागी ने शुक्रवार को पटियाला हाउस कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। वह कथित तौर पर पीजी संचालक और दूसरे आरोपित सुधांशु का सहयोगी बताया जा रहा है।

इससे एक दिन पहले, गुरुवार को अदालत ने शुभम त्यागी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। अग्रिम जमानत नहीं मिलने के बाद उसने शुक्रवार को अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।

भवन मालिक के बेटे और ठेकेदार को न्यायिक हिरासत

मामले में पहले से पुलिस हिरासत में चल रहे भवन मालिक के बेटे महेश गुप्ता और श्रमिक ठेकेदार सनोज को भी दो दिन की पुलिस पूछताछ पूरी होने के बाद शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया।

पुलिस की पूछताछ पूरी होने के बाद अदालत ने दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अब जांच एजेंसी हादसे में भवन मालिक पक्ष, निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार और पीजी संचालन से जुड़े लोगों की भूमिका को अलग-अलग स्तर पर खंगाल रही है।

6 सितंबर को हुआ था दर्दनाक हादसा

बता दें कि छह सितंबर को दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में निर्माणाधीन भवन का एक हिस्सा अचानक ढह गया था। इस हादसे में सात लोगों की मौत हो गई थी। घटना के बाद मौके पर राहत और बचाव अभियान चलाया गया था और पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।

हादसे के बाद जांच का दायरा भवन निर्माण से जुड़े लोगों के साथ-साथ उस इमारत में पीजी संचालन से जुड़े आरोपितों तक भी पहुंचा। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि निर्माण कार्य में किन लोगों की भूमिका थी, भवन के संचालन से जुड़े लोगों की क्या जिम्मेदारी थी और हादसे से पहले वहां की परिस्थितियां कैसी थीं।

जांच में सामने आएंगे हादसे से जुड़े अहम तथ्य

शुभम त्यागी की पुलिस हिरासत और सुधांशु के साथ आमने-सामने पूछताछ को जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस दोनों के बयानों का मिलान करने के साथ-साथ मोबाइल फोन और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने का प्रयास करेगी।

सात लोगों की जान लेने वाले इस हादसे में जांच एजेंसी की कोशिश अब यह स्पष्ट करने की है कि निर्माणाधीन भवन में किन परिस्थितियों में हादसा हुआ और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका क्या रही।

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