Action Bharat | नई दिल्ली: दिल्ली के विक्रम नगर स्थित शरणार्थी कॉलोनी में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की ड्राफ्ट मतदाता सूची को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है। रिपोर्ट के अनुसार, कॉलोनी के 300 से अधिक लोगों के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं मिल रहे हैं। कई मामलों में मतदाताओं को रिकॉर्ड में दूसरी जगह स्थानांतरित या मृत दिखाए जाने की बात सामने आई है।
• 300 से ज्यादा नाम सूची से गायब: विक्रम नगर में बड़ी संख्या में लोगों के नाम SIR की ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं मिलने की जानकारी सामने आई है।
• रिकॉर्ड में दूसरी जगह शिफ्ट या मृत दिखाने का दावा: कुछ लोगों का कहना है कि रिकॉर्ड में उन्हें दूसरी जगह स्थानांतरित या मृत दर्ज कर दिया गया है, जबकि वे वर्षों से विक्रम नगर में रह रहे हैं।
• नाम की स्पेलिंग में अंतर पर भी नोटिस: कई मतदाताओं के पिता के नाम या सरनेम/टाइटल की स्पेलिंग में अंतर मिलने पर नोटिस जारी किए गए हैं। संबंधित लोगों को जरूरी दस्तावेज लेकर लाजपत नगर स्थित सरकारी स्कूल में बनाए गए SIR कैंप में सुनवाई के लिए पहुंचना होगा।
• महिलाओं को ज्यादा परेशानी: कॉलोनी की महिलाओं ने अपनी चिंता जताते हुए कहा कि उन्होंने पूरी जिंदगी इसी इलाके में बिताई है, लेकिन अब उन्हें बार-बार अपनी पहचान और नागरिकता से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने पड़ रहे हैं।
• कॉलोनी में ही कैंप लगाने की मांग: RWA प्रधान भारत भूषण मल्होत्रा ने मांग की है कि विक्रम नगर में ही अलग SIR कैंप लगाया जाए, ताकि बुजुर्गों और महिलाओं को दस्तावेज लेकर दूर न जाना पड़े। उनके मुताबिक, यहां के अधिकांश परिवार लंबे समय से इसी पते पर रह रहे हैं और उनके नाम पहले से मतदाता सूची में दर्ज रहे हैं।
• स्पेलिंग की गलती पर भी नोटिस: कॉलोनी निवासी सुशांत के अनुसार, उनके परिवार के बाकी सदस्यों के नाम सही हैं, लेकिन उनके भाई के नाम में पिता के नाम की स्पेलिंग गलत होने के कारण नोटिस मिला है। नोटिस में उन्हें 17 सितंबर को सुनवाई के लिए बुलाया गया है।
• चुनाव आयोग की प्रक्रिया: रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयोग ने बताया है कि नाम में सुधार के लिए फॉर्म 8 का इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, नोटिस जारी होने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति को दिए गए स्लॉट पर पहुंचकर अपना पक्ष और जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
क्यों अहम है मामला?
विक्रम नगर के लोगों की चिंता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वे लंबे समय से यहां निवास कर रहे हैं और कई परिवारों के नाम पहले से मतदाता सूची में दर्ज होने का दावा है। SIR के दौरान नाम, पता या व्यक्तिगत विवरण में किसी तरह की गड़बड़ी सामने आने पर संबंधित मतदाता को निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष रखना होगा।
नोट: यह रिपोर्ट उपलब्ध समाचार सामग्री में दर्ज स्थानीय निवासियों और संबंधित पक्षों के बयानों पर आधारित है। अंतिम मतदाता सूची और संबंधित अधिकारियों की जांच/सुनवाई के बाद ही प्रत्येक मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।
