NEET पेपर लीक केस में नया मोड़: आरोपितों ने CBI से मांगे जांच के बाकी दस्तावेज, गुरुवार को फिर होगी सुनवाई

दिल्ली

नई दिल्ली। NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में बुधवार को दिल्ली के राउज एवेन्यू स्थित विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हुई। मामले के आरोपितों ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से उन दस्तावेजों की सूची और प्रतियां उपलब्ध कराने की मांग की है, जिन्हें जांच एजेंसी ने जांच के दौरान जुटाया है, लेकिन अभी तक आरोपितों को उपलब्ध नहीं कराया गया है। CBI ने बचाव पक्ष की दलीलों पर जवाब देने के लिए अदालत से समय मांगा है। मामले की अगली सुनवाई गुरुवार को होगी।

⚖️ आरोपितों की मुख्य मांग क्या है?

आरोपित पीवी कुलकर्णी की ओर से अदालत में आवेदन देकर कहा गया कि जांच के दौरान CBI ने कई दस्तावेज और सामग्री जुटाई है, लेकिन उनकी प्रतियां बचाव पक्ष को नहीं मिली हैं। इसलिए ऐसे सभी दस्तावेजों की सूची और उनकी प्रतियां उपलब्ध कराई जाएं।

बचाव पक्ष ने यह भी मांग की कि उन दस्तावेजों की जानकारी और प्रतियां दी जाएं, जिन्हें CBI ने जांच के दौरान हासिल तो किया, लेकिन आरोपपत्र में उनके आधार पर कोई दावा नहीं किया।

मामले के दूसरे आरोपितों की ओर से भी इसी तरह की मांग की गई है। अदालत ने संकेत दिया कि इन सभी अर्जियों पर एक साथ फैसला किया जाएगा।

👨‍⚖️ CBI ने मांगा जवाब के लिए समय

CBI की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत से समय मांगते हुए कहा कि बचाव पक्ष ने कुछ न्यायिक फैसलों का हवाला दिया है। इन फैसलों को देखने के बाद जांच एजेंसी अपनी विस्तृत दलील अदालत के सामने रखेगी।

इसी वजह से अदालत ने मामले की सुनवाई गुरुवार तक टाल दी।

👥 सभी 13 आरोपित अदालत में पेश

बुधवार की सुनवाई में मामले के सभी 13 आरोपित पेश हुए। इनमें से 10 आरोपित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश हुए, जबकि मंगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल और विकास बिवाल को अदालत में प्रत्यक्ष रूप से पेश किया गया।

मामले में CBI पहले ही करीब 20 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इसमें 360 गवाहों, 422 दस्तावेजों और 43 महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्यों का उल्लेख बताया गया है।

📑 20 हजार पन्नों की चार्जशीट क्यों महत्वपूर्ण है?

इतने बड़े रिकॉर्ड के कारण दस्तावेजों की स्कैनिंग और उन्हें आरोपितों को उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी अदालत की कार्यवाही का अहम हिस्सा बनी हुई है। इससे पहले CBI ने अदालत को बताया था कि चार्जशीट से जुड़े भारी मात्रा में दस्तावेजों को स्कैन किया जा रहा है, ताकि आरोपितों को आवश्यक प्रतियां उपलब्ध कराई जा सकें।

🔍 जांच में सामने आया कथित पेपर लीक नेटवर्क

CBI की चार्जशीट के अनुसार मामले में 13 आरोपितों के खिलाफ कथित साजिश और पेपर लीक से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। जांच में NTA से जुड़े तीन विषय विशेषज्ञों की कथित भूमिका भी सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि प्रश्नों को याद करने, लिखने और संबंधित किताबों में उत्तरों से जुड़े हिस्सों को चिन्हित करने जैसे तरीकों का इस्तेमाल किया गया।

🧾 बिवाल भाइयों ने वापस ली जमानत अर्जी

इसी सुनवाई में दिनेश बिवाल और विकास बिवाल की जमानत अर्जियों पर भी सुनवाई होनी थी। उनके अधिवक्ता एपी सिंह ने अदालत को बताया कि चूंकि जांच अभी जारी है, इसलिए दोनों की जमानत अर्जियां वापस ली जा रही हैं।

बचाव पक्ष ने आगे जांच पूरी होने और पूरक आरोपपत्र दाखिल होने के बाद नई जमानत अर्जी दाखिल करने की अनुमति मांगी। अदालत ने दोनों को अपनी जमानत अर्जियां वापस लेने की अनुमति दे दी।

📌 अब आगे क्या होगा?

फिलहाल मामले में तीन महत्वपूर्ण मुद्दे अदालत के सामने हैं—

  1. आरोपितों को बाकी जांच दस्तावेज उपलब्ध कराने का सवाल।
  2. CBI की ओर से दस्तावेजों और बचाव पक्ष की दलीलों पर जवाब।
  3. आगे की जांच और पूरक आरोपपत्र की संभावित प्रक्रिया।

इस मामले में CBI की जांच और अदालत की अगली कार्यवाही इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि आरोपपत्र में बड़ी संख्या में गवाहों, दस्तावेजों और भौतिक साक्ष्यों का उल्लेख है।

ACTION BHARAT निष्कर्ष: NEET-UG पेपर लीक मामले में बुधवार की सुनवाई का केंद्र आरोपों की मेरिट पर फैसला नहीं, बल्कि आरोपितों को जांच से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराने और CBI के जवाब पर रहा। अब गुरुवार की सुनवाई में अदालत इस दस्तावेज विवाद पर आगे की दिशा तय कर सकती है।

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