Action Bharat | नई दिल्ली: BRICS शिखर सम्मेलन के पहले सत्र में जलवायु परिवर्तन, महिला सशक्तीकरण, शिक्षा, कृषि और अंतरिक्ष सहयोग समेत कई अहम मुद्दों पर सदस्य देशों के बीच सहमति बनी। नई दिल्ली घोषणापत्र में पेरिस समझौते के लक्ष्यों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), बौद्धिक संपदा, दुर्लभ खनिज और विश्व व्यापार संगठन (WTO) में सुधार जैसे विषयों को प्रमुखता दी गई है।
• पेरिस समझौते के लक्ष्यों के साथ BRICS देश
BRICS नेताओं ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन (UNFCCC) और उसके पेरिस समझौते के उद्देश्यों, सिद्धांतों और लक्ष्यों की दिशा में मिलकर काम करने का संकल्प लिया। नेताओं ने सभी देशों से अपनी मौजूदा जलवायु प्रतिबद्धताओं को बनाए रखने और प्रयासों को और मजबूत करने का आह्वान किया।
• महिला सशक्तीकरण पर जोर
घोषणापत्र में महिलाओं को नेतृत्व, निर्णय लेने, आर्थिक विकास और सामाजिक बदलाव में महत्वपूर्ण भागीदार बताया गया है। BRICS देशों ने महिला उद्यमिता, नेतृत्व और आर्थिक भागीदारी को बढ़ाने में BRICS महिला व्यापार गठबंधन के योगदान की सराहना की।
• संयुक्त राष्ट्र में महिला नेतृत्व का समर्थन
BRICS नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख पद पर किसी महिला की नियुक्ति का समर्थन किया और वैश्विक संस्था में व्यापक सुधार की जरूरत पर भी जोर दिया।
• अंतरिक्ष सहयोग केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए
घोषणापत्र में अंतरिक्ष की शांतिपूर्ण खोज और इस्तेमाल में अंतरराष्ट्रीय सहयोग के महत्व को स्वीकार किया गया। BRICS देशों ने अंतरिक्ष प्रणालियों, विज्ञान और तकनीक की उपलब्धियों का इस्तेमाल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
• शिक्षा में AI के इस्तेमाल को बढ़ावा
BRICS देशों ने शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर तौर-तरीकों और अनुभवों को साझा करने पर सहमति जताई। साथ ही AI जैसी नई तकनीकों का इस्तेमाल मानव हित में करने पर जोर दिया गया।
इसके अलावा BRICS देशों के विश्वविद्यालयों के लिए ‘BRICS University Global Ranking and Evaluation System’ विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
• बौद्धिक संपदा और AI पर सहयोग
BRICS देशों के बौद्धिक संपदा कार्यालयों के बीच जागरूकता, क्षमता निर्माण और IP के व्यावसायीकरण को बढ़ाने पर सहमति बनी। पेटेंट जांच, पारंपरिक ज्ञान, भौगोलिक संकेतक (GI) और AI के इस्तेमाल जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने की बात कही गई।
• किसानों के लिए चार नई पहल
कृषि क्षेत्र में BRICS नेताओं ने पूरे समूह के लिए अनाज व्यापार मंच और किसानों पर केंद्रित चार नई पहलों को मंजूरी दी। इनमें बीज, कृषि संबंधी जरूरी सामान, कृषि-पारिस्थितिकी और डिजिटल खेती शामिल हैं।
• खाद्य सुरक्षा पर ठोस कदम की अपील
भारत ने BRICS देशों से खाद्य सुरक्षा के मुद्दे पर केवल चर्चा तक सीमित न रहने और ठोस कदम उठाने की अपील की। नई दिल्ली घोषणापत्र की कृषि संबंधी पहलें जून 2026 में इंदौर में जारी कृषि मंत्रियों के घोषणापत्र पर आधारित हैं।
• डिजिटल खेती से किसानों को जोड़ने की पहल
घोषणापत्र में AGRIN, बीज प्रणालियों में किसानों के अधिकारों पर वैश्विक मंच, कृषि-पारिस्थितिकी पर उत्कृष्टता केंद्रों का नेटवर्क और डिजिटल खेती के नेटवर्क जैसी चार पहलों को राष्ट्राध्यक्षों के स्तर पर आगे बढ़ाने की बात कही गई है।
नई दिल्ली घोषणापत्र का संदेश साफ है—BRICS का एजेंडा अब केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि जलवायु, AI, शिक्षा, कृषि, महिला सशक्तीकरण और अंतरिक्ष जैसे व्यापक वैश्विक मुद्दों तक फैल रहा है।
