तिरुवल्लूर। तमिलनाडु में मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर द्रमुक सांसद ए. राजा विवादों में घिर गए हैं। उनकी टिप्पणी के बाद द्रमुक के सहयोगी दलों के नेताओं ने भी नाराजगी जताई और इसे अपमानजनक तथा अशोभनीय बताया। विरोध बढ़ने के बाद ए. राजा ने अपना बयान वापस ले लिया।
तमिलनाडु प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मणिकम टैगोर ने कहा कि किसी राज्य के मुख्यमंत्री का व्यक्तिगत रूप से अपमान करना और अपशब्दों का इस्तेमाल करना लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए गंभीर खतरा है। हालांकि, बयान वापस लेने के बावजूद राजा के आक्रामक रुख को लेकर राजनीतिक विवाद बना हुआ है।
विवाद के बीच ए. राजा ने सोशल मीडिया पर कहा कि उन्हें अपनी बात वापस लेने में कोई हिचकिचाहट नहीं है। वहीं, टीवीके विधायक विजयकुमार ने रविवार को गुमिडिपुंडी डीएसपी कार्यालय में ए. राजा और अन्य द्रमुक नेताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की।
शिकायत में ए. राजा के अलावा पूर्व मंत्री पीके शेखर बाबू और एमआरके पनीरसेल्वम के नाम भी शामिल किए गए हैं। बताया गया है कि हाल ही में विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने द्रमुक अध्यक्ष एमके स्टालिन को लेकर टिप्पणी की थी, जिसके विरोध में द्रमुक ने राज्यभर में प्रदर्शन किए थे।
चेन्नई में हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान ए. राजा ने मुख्यमंत्री विजय और कानून मंत्री निर्मलकुमार के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणियां की थीं। इसी को लेकर अब शिकायत और राजनीतिक विवाद सामने आया है।
इस बीच द्रमुक नेता एस. रघुपति ने करूर भगदड़ मामले को लेकर भी मुख्यमंत्री विजय पर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने मानवीय आधार पर विजय के खिलाफ नरमी बरती थी। करूर में हुई भगदड़ में 41 लोगों की मौत हुई थी और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई मामले की जांच कर रही है।
(समाचार एजेंसी एएनआई के इनपुट के साथ)
