तिरुअनंतपुरम (Action Bharat) | केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनाया गया डांस वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद अब इस मामले में नया मोड़ आया है। Meta ने भारत में इस वीडियो की पहुंच सीमित कर दी है। वीडियो को लेकर यह कार्रवाई भारत सरकार के नोटिस के बाद की गई है।
दिलचस्प बात यह है कि जिस वीडियो पर अब भारत में प्रतिबंध जैसी कार्रवाई हुई है, उसका मुख्यमंत्री वीडी सतीशन खुद सार्वजनिक मंच पर उल्लेख कर चुके हैं और उन्होंने वीडियो को देखकर उत्साह व्यक्त किया था।
क्या है पूरा मामला?
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ यह वीडियो मुख्यमंत्री वीडी सतीशन को केरल राज्य विद्युत बोर्ड (KSEB) के अधिकारियों के साथ डांस करते हुए दिखाता है।
हालांकि यह वास्तविक वीडियो नहीं है। इसे AI तकनीक की मदद से तैयार किया गया था।
वीडियो को इंस्टाग्राम के ‘आइकावाला’ नामक पेज पर गुरुवार को पोस्ट किया गया था। पेज संचालक के मुताबिक, देखते ही देखते वीडियो को जबरदस्त लोकप्रियता मिली और रविवार तक इसे करीब 1.78 करोड़ व्यूज मिल चुके थे।
वीडियो की खास बातें
- वीडियो में मुख्यमंत्री वीडी सतीशन को डांस करते हुए दिखाया गया।
- वीडियो AI तकनीक के जरिए तैयार किया गया था।
- इसे ‘आइकावाला’ इंस्टाग्राम पेज पर पोस्ट किया गया।
- पेज संचालक के अनुसार, रविवार तक करीब 1.78 करोड़ व्यूज मिले।
- वीडियो को भारत के बाहर अभी भी देखा जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने खुद किया था वीडियो का जिक्र
इस मामले को और दिलचस्प बनाने वाली बात यह है कि मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने हाल ही में केरल हाई कोर्ट के एक कार्यक्रम में इस वायरल AI वीडियो का जिक्र किया था।
रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने वीडियो को देखकर उत्साहित होने की बात कही थी। यानी उपलब्ध जानकारी के आधार पर ऐसा नहीं कहा जा सकता कि वीडियो को लेकर मुख्यमंत्री की ओर से कोई आपत्ति जताई गई थी।
यही वजह है कि वीडियो के निर्माताओं का कहना है कि भारत में पहुंच सीमित किए जाने की कार्रवाई मुख्यमंत्री की शिकायत के कारण हुई हो, ऐसा उन्हें नहीं लगता।
Meta ने क्या कहा?
रविवार को ‘आइकावाला’ की ओर से बताया गया कि Meta ने वीडियो के निर्माताओं को एक संदेश भेजा था।
उस संदेश में कहा गया कि भारत सरकार के नोटिस के अनुसार भारत में कंटेंट की पहुंच सीमित कर दी गई है।
इससे फिलहाल इतना स्पष्ट है कि भारत में वीडियो की पहुंच सीमित करने की कार्रवाई सरकारी नोटिस के संदर्भ में हुई है।
हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि सरकारी नोटिस में किस कानूनी प्रावधान या किस विशेष आधार पर वीडियो की पहुंच सीमित करने को कहा गया था।
वीडियो बनाने वाले ने क्या कहा?
इंस्टाग्राम पेज संचालक अभिजीत के अनुसार, उन्हें विश्वास नहीं है कि यह प्रतिबंध मुख्यमंत्री की किसी आपत्ति के कारण लगाया गया है।
उनका तर्क है कि मुख्यमंत्री स्वयं सार्वजनिक मंच पर इस वीडियो की सराहना कर चुके हैं।
साथ ही उन्होंने बताया कि वीडियो को अन्य देशों से देखा जा सकता है, जबकि भारत में इसकी पहुंच सीमित कर दी गई है।
AI कंटेंट को लेकर बढ़ता सवाल
यह मामला सिर्फ एक वायरल वीडियो तक सीमित नहीं है। AI तकनीक के जरिए बनाए जा रहे डीपफेक और सिंथेटिक मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और सरकारों के सामने यह सवाल लगातार महत्वपूर्ण हो रहा है कि किस तरह के AI कंटेंट पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
इस मामले में भी कई सवाल सामने आते हैं—
- भारत सरकार के नोटिस में वीडियो पर कार्रवाई का सटीक आधार क्या था?
- क्या कार्रवाई वीडियो की सामग्री, उसके AI-निर्मित होने या किसी अन्य कारण से हुई?
- मुख्यमंत्री की सार्वजनिक सराहना के बावजूद भारत में इसकी पहुंच क्यों सीमित की गई?
- क्या Meta ने केवल भारत में पहुंच प्रतिबंधित की है या कंटेंट के खिलाफ कोई अन्य कार्रवाई भी की है?
फिलहाल उपलब्ध जानकारी इन सवालों के सभी जवाब नहीं देती। इसलिए इन्हें सवाल के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
Action Bharat की नजर
यह मामला AI तकनीक, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और सरकारी नियमन—तीनों के बीच बढ़ते टकराव को सामने लाता है। एक तरफ AI से तैयार वीडियो करोड़ों लोगों तक पहुंच रहा है, वहीं दूसरी तरफ सरकार के नोटिस के बाद प्लेटफॉर्म द्वारा भारत में उसकी पहुंच सीमित कर दी गई।
अब सबसे अहम बात यह होगी कि सरकारी नोटिस में कार्रवाई का वास्तविक और कानूनी आधार क्या बताया गया है।
Action Bharat | खबर वही, सवाल जरूरी।
#VDSatheesan #Kerala #AI #AIVideo #Meta #Instagram #Deepfake #ArtificialIntelligence #KeralaNews #IndiaNews #SocialMedia #ActionBharat
