अरब सागर में भारतीय युद्धपोत से टकराया पाकिस्तानी PNS हुनैन, जानिए कितना ताकतवर है यह युद्धपोत

विदेश

नई दिल्ली |अरब सागर में भारत और पाकिस्तान की नौसैनिक गतिविधियों से जुड़ी एक घटना के बाद पाकिस्तानी नौसेना का युद्धपोत PNS हुनैन (F-273) चर्चा में है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक 15 सितंबर की शाम पाकिस्तानी नौसेना का यह पोत भारतीय नौसेना के एक फ्रंटलाइन युद्धपोत के करीब पहुंचा और दोनों के बीच टक्कर हुई। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि उस समय भारतीय युद्धपोत नियमित निगरानी मिशन पर था।

 

रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय पोत को इस घटना में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ, जबकि PNS हुनैन को नुकसान पहुंचने के बाद उसे बंदरगाह लौटना पड़ा। घटना के बाद भारत ने नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग के चार्ज द अफेयर्स को विदेश मंत्रालय में बुलाकर विरोध दर्ज कराया।

PNS हुनैन क्यों आया चर्चा में?

PNS हुनैन पाकिस्तान नौसेना का यारमूक क्लास बैच-2 ऑफशोर पेट्रोल कॉर्वेट है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इसे रोमानिया में बनाया गया और जुलाई 2024 में पाकिस्तान नौसेना में शामिल किया गया था।

यारमूक क्लास के पोतों को समुद्री निगरानी, गश्त और विभिन्न समुद्री सुरक्षा अभियानों के लिए डिजाइन किया गया है।

कितनी लंबी और कितनी तेज है PNS हुनैन?

रिपोर्ट में PNS हुनैन के आकार और क्षमता के बारे में ये आंकड़े दिए गए हैं—

  • लंबाई करीब 95.8 से 98 मीटर।
  • चौड़ाई करीब 14.4 से 14.6 मीटर।
  • डिस्प्लेसमेंट लगभग 2,600 टन।
  • इसमें चार कैटरपिलर डीजल इंजन बताए गए हैं।
  • अधिकतम गति करीब 41 से 44 किलोमीटर प्रति घंटे बताई गई है।

11 हजार किलोमीटर तक की रेंज

PNS हुनैन की समुद्री संचालन क्षमता भी महत्वपूर्ण बताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार करीब 22 किलोमीटर प्रति घंटे की गति पर इसकी रेंज लगभग 11 हजार किलोमीटर है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पोत लगभग 40 दिन तक समुद्र में रह सकता है। इसके अलावा इसमें हेलीकॉप्टर और UAV रखने की सुविधा तथा दो RHIB बोट ले जाने की क्षमता बताई गई है।

हथियारों से भी लैस है PNS हुनैन

PNS हुनैन पर अलग-अलग प्रकार के हथियार और सेंसर सिस्टम लगाए जा सकते हैं। उपलब्ध रिपोर्ट में इसके प्रमुख हथियार प्रणालियों का उल्लेख किया गया है।

प्रमुख हथियार और सिस्टम

  • एक 30 मिमी असेलमान स्मैश रिमोट वेपन स्टेशन।
  • दो 12.7 मिमी असेलमान स्टैंप रिमोट वेपन स्टेशन।
  • एंटी-शिप और लैंड-अटैक भूमिका के लिए हरबह SSM लॉन्चर।
  • नजदीकी सुरक्षा के लिए 20 मिमी Phalanx Block 1B CIWS या समान प्रणाली।
  • MR-36A सरफेस और एयर-सर्च रडार।
  • इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम।
  • डेकोय लॉन्चर।

हरबह मिसाइल को रिपोर्ट में एंटी-शिप और लैंड-अटैक दोनों भूमिकाओं के लिए सक्षम बताया गया है। PNS हुनैन को समुद्री सुरक्षा, गश्त, एंटी-सर्फेस और सीमित एयर-डिफेंस मिशनों के लिए बनाया गया है।

टक्कर में किसे कितना नुकसान हुआ?

उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार भारतीय युद्धपोत को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ, जबकि PNS हुनैन को नुकसान पहुंचने की बात कही गई है और वह बंदरगाह वापस लौट गया।

हालांकि, स्रोत में यह भी कहा गया है कि टक्कर के बाद PNS हुनैन की वास्तविक स्थिति को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। इसलिए नुकसान की पूरी सीमा के बारे में अंतिम निष्कर्ष उपलब्ध सामग्री के आधार पर निकालना उचित नहीं होगा।

1991 का भारत-पाकिस्तान समझौता भी चर्चा में

इस घटना के बाद 1991 के भारत-पाकिस्तान समझौते का भी उल्लेख किया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों की सैन्य गतिविधियों से पैदा होने वाले गलत आकलन और संभावित खतरों को कम करना था।

समझौते के तहत दोनों देशों की सेनाओं द्वारा एक-दूसरे के बेहद करीब बड़े सैन्य अभ्यास और सैन्य गतिविधियां आयोजित करने से बचने की बात कही गई थी।

रिपोर्ट के अनुसार भारत ने पाकिस्तानी जहाज की इस घटना को 1991 के समझौते की धारा 10 के उल्लंघन से जोड़ा है। यह भारत की ओर से लगाया गया आरोप है।

घटना के बाद कूटनीतिक स्तर पर भी प्रतिक्रिया

नौसैनिक घटना के बाद भारत की ओर से कूटनीतिक स्तर पर भी कार्रवाई की गई। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान उच्चायोग के चार्ज द अफेयर्स को विदेश मंत्रालय में बुलाकर घटना पर भारत की आपत्ति दर्ज कराई गई।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अरब सागर और हिंद महासागर क्षेत्र में दोनों देशों की समुद्री गतिविधियां रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बनी हुई हैं।

PNS हुनैन की प्रमुख खासियतें

क्षमता उपलब्ध जानकारी
प्रकार यारमूक क्लास बैच-2 ऑफशोर पेट्रोल कॉर्वेट
नंबर F-273
लंबाई करीब 95.8–98 मीटर
चौड़ाई करीब 14.4–14.6 मीटर
डिस्प्लेसमेंट करीब 2,600 टन
इंजन 4 डीजल इंजन
अधिकतम गति करीब 41–44 किमी/घंटा
रेंज करीब 11,000 किमी
समुद्र में रहने की क्षमता करीब 40 दिन
विमान क्षमता हेलीकॉप्टर और UAV
नाव 2 RHIB बोट

ये आंकड़े उपलब्ध रिपोर्ट में दी गई जानकारी पर आधारित हैं।

Action Bharat | नई दिल्ली

अरब सागर की इस घटना में एक ओर जहां भारतीय युद्धपोत को बड़े नुकसान की सूचना नहीं है, वहीं PNS हुनैन के नुकसान की बात रिपोर्ट में कही गई है। इसके साथ ही 1991 के भारत-पाकिस्तान समझौते का संदर्भ और भारत की कूटनीतिक आपत्ति इस घटनाक्रम को केवल समुद्री टक्कर तक सीमित नहीं रखती, बल्कि इसे सुरक्षा और द्विपक्षीय संबंधों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण बनाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *