ढाका (Action Bharat) | बांग्लादेश में डेंगू का प्रकोप लगातार गंभीर होता जा रहा है। राजधानी ढाका समेत देश के कई हिस्सों में बड़ी संख्या में मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। हालात यह हैं कि कई अस्पतालों में बेड कम पड़ गए हैं और मरीजों का इलाज फर्श और बरामदों तक में करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ते दबाव के बीच सितंबर के शुरुआती 18 दिनों में डेंगू से 79 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है।
स्वास्थ्य निदेशालय (DGHS) के आंकड़ों के मुताबिक, 1 जनवरी से अब तक 59 हजार से अधिक डेंगू मरीज अस्पतालों में भर्ती हो चुके हैं। राजधानी ढाका और आसपास के इलाकों में स्थिति विशेष रूप से गंभीर बताई जा रही है।
एक बेड पर कई मरीज, फर्श पर लग रही ड्रिप
ढाका के मुग्दा जनरल अस्पताल में डेंगू मरीजों की संख्या अस्पताल की क्षमता से काफी ज्यादा पहुंच गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अस्पताल के डेंगू वार्ड में कुल 38 बेड की क्षमता है, जबकि यहां 145 से अधिक मरीज भर्ती हैं। मरीजों की संख्या इतनी बढ़ गई है कि एक ही बेड पर एक से ज्यादा मरीजों को रखना पड़ रहा है।
वहीं, बेड उपलब्ध नहीं होने पर मरीजों को फर्श और बरामदे में इलाज दिया जा रहा है। कई मरीजों को वहीं ड्रिप लगाई जा रही है।
दूर-दराज के जिलों से भी पहुंच रहे गंभीर मरीज
डेंगू का दबाव सिर्फ ढाका तक सीमित नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, नारायणगंज और दूसरे जिलों से भी गंभीर स्थिति वाले मरीज ढाका के अस्पतालों में पहुंच रहे हैं।
अस्पतालों में मरीजों की भारी भीड़ के कारण डॉक्टरों और नर्सों के सामने भी मुश्किलें बढ़ गई हैं। स्वास्थ्यकर्मियों के मुताबिक, अत्यधिक संख्या में मरीज होने से उनकी सही तरीके से निगरानी और आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध कराने में परेशानी हो रही है।
24 घंटे में 747 नए मरीज अस्पताल में भर्ती
रिपोर्ट के मुताबिक, डेंगू का संक्रमण अब पूरे बांग्लादेश में फैल चुका है। पिछले 24 घंटों में 747 नए मरीजों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
क्षेत्रवार आंकड़ों में—
- ढाका डिवीजन: 216 नए मरीज
- चटगांव: 180 नए मरीज
- मयमनसिंह: 92 नए मरीज
- खुलना: 81 नए मरीज
शामिल हैं।
अगस्त में 20 हजार से ज्यादा संक्रमित, 43 मौतें
इस साल डेंगू संक्रमण के लिहाज से अगस्त भी बेहद गंभीर रहा। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, अकेले अगस्त में 20 हजार से अधिक लोग संक्रमित हुए और 43 लोगों की मौत हुई।
इसके बाद सितंबर में भी संक्रमण और मौतों का सिलसिला जारी है। सितंबर के शुरुआती 18 दिनों में ही 79 मौतें दर्ज होने की जानकारी दी गई है।
अक्टूबर में और बढ़ सकता है डेंगू का खतरा
कीट विशेषज्ञों ने आने वाले समय को लेकर भी चिंता जताई है। उनके मुताबिक मौसम में बदलाव के कारण मच्छरों की संख्या कम दिखाई देने के बावजूद डेंगू का खतरा खत्म नहीं हुआ है।
पूर्वानुमान के अनुसार अक्टूबर में डेंगू के मामलों में और बढ़ोतरी हो सकती है। विशेषज्ञों ने लोगों से मच्छरों के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने और मच्छर नियंत्रण के प्रभावी उपाय करने की अपील की है।
सरकार ने अस्पतालों की क्षमता बढ़ाने की तैयारी बताई
स्वास्थ्य निदेशालय (DGHS) के महानिदेशक के अनुसार, यदि सरकारी अस्पतालों की क्षमता पूरी हो जाती है तो मरीजों को जरूरत के मुताबिक निजी अस्पतालों में भेजा जाएगा।
इसके अलावा जिला और उपजिला स्तर पर भी इलाज की व्यवस्था मजबूत करने की बात कही गई है।
सिर्फ इलाज नहीं, मच्छरों के स्रोत खत्म करने पर जोर
जनस्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि डेंगू के बढ़ते प्रकोप से निपटने के लिए केवल अस्पतालों में मरीजों का इलाज पर्याप्त नहीं होगा।
उनके अनुसार एडीज मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म करना बीमारी के प्रसार को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके लिए मच्छर नियंत्रण और जागरूकता अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने की जरूरत बताई गई है।
बांग्लादेश में डेंगू संकट की प्रमुख बातें
- 59,000 से अधिक मरीज इस साल अस्पतालों में भर्ती।
- सितंबर के पहले 18 दिनों में 79 मौतें।
- पिछले 24 घंटे में 747 नए मरीज भर्ती।
- मुग्दा जनरल अस्पताल में 38 बेड के मुकाबले 145 से ज्यादा मरीज।
- कई मरीजों का इलाज फर्श और बरामदे में।
- अगस्त में 20 हजार से अधिक संक्रमण और 43 मौतें।
- अक्टूबर में मामलों में और बढ़ोतरी की आशंका।
- प्रशासन ने सरकारी अस्पतालों की क्षमता पूरी होने पर निजी अस्पतालों में मरीज भेजने की व्यवस्था की बात कही है।
Action Bharat | World Desk
