बेंगलुरु (Action Bharat) | बेंगलुरु पुलिस ने बुधवार को एक विशेष अभियान के तहत भारत में अवैध रूप से रह रहे बताए गए करीब 160 बांग्लादेशी नागरिकों को विशेष विमान के जरिए बांग्लादेश भेज दिया। इस कार्रवाई में बेंगलुरु पुलिस के साथ फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO), सीमा सुरक्षा बल (BSF) और भारतीय वायुसेना (IAF) का सहयोग रहा।
विशेष अभियान के दौरान हुई पहचान और कार्रवाई
बेंगलुरु पुलिस के मुताबिक, इन नागरिकों को एक विशेष ड्राइव के दौरान भारत में अवैध रूप से रहने के आरोप में पकड़ा गया था।
पुलिस कमिश्नर सीमांत कुमार सिंह ने बताया कि बड़ी संख्या में लोगों को एक साथ वापस भेजने के लिए इस बार विशेष विमान की व्यवस्था की गई।
विशेष विमान से बांग्लादेश भेजे गए
पुलिस के अनुसार, हवाई मार्ग से बांग्लादेशी नागरिकों को वापस भेजने का यह दूसरा मामला है।
- पहले कुछ लोगों को नियमित उड़ानों के जरिए भेजा गया था।
- इस बार संख्या अधिक होने के कारण विशेष विमान की व्यवस्था की गई।
- विमान ने बुधवार सुबह करीब 9:30 बजे HAL एयरपोर्ट से उड़ान भरी।
- पूरी प्रक्रिया में पुलिस और संबंधित केंद्रीय एजेंसियों के बीच समन्वय किया गया।
FRRO ने मांगी थी पुलिस एस्कॉर्ट
रिपोर्ट के अनुसार, FRRO ने 18 सितंबर को बेंगलुरु के DCP (Intelligence) को पत्र लिखकर एस्कॉर्ट ड्यूटी के लिए पुलिस बल की मांग की थी।
इसके बाद विशेष उड़ान के दौरान सुरक्षा और एस्कॉर्ट व्यवस्था के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। करीब छह अधिकारियों समेत कई पुलिसकर्मी एस्कॉर्ट ड्यूटी में शामिल रहे।
FRRO, BSF और IAF के साथ समन्वय
इस डिपोर्टेशन प्रक्रिया में बेंगलुरु पुलिस के अलावा:
- FRRO — विदेशी नागरिकों से संबंधित प्रशासनिक प्रक्रिया में शामिल।
- BSF — सीमा से संबंधित समन्वय में भूमिका।
- IAF — विशेष विमान व्यवस्था में सहयोग।
- बेंगलुरु पुलिस — पहचान, कार्रवाई और एस्कॉर्ट व्यवस्था में शामिल रही।
बड़ी संख्या के कारण विशेष विमान की व्यवस्था
बेंगलुरु पुलिस के अनुसार, पहले डिपोर्टेशन के लिए नियमित यात्री उड़ानों का इस्तेमाल किया गया था। लेकिन इस बार करीब 160 लोगों की संख्या होने के कारण उन्हें एक साथ वापस भेजने के लिए विशेष विमान की व्यवस्था की गई।
पुलिस की ओर से इसे समन्वित कार्रवाई के रूप में बताया गया है।
क्या है इस कार्रवाई का महत्व?
इस मामले में एक साथ बड़ी संख्या में विदेशी नागरिकों को हवाई मार्ग से वापस भेजा गया। कार्रवाई में राज्य पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के बीच समन्वय देखने को मिला।
हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में इन सभी 160 लोगों की व्यक्तिगत पहचान, उनके खिलाफ अलग-अलग मामलों की स्थिति या उनके डिपोर्टेशन से संबंधित प्रत्येक प्रशासनिक आदेश का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है। इसलिए इस रिपोर्ट में कार्रवाई से जुड़े उपलब्ध आधिकारिक/पुलिस बयानों तक ही तथ्य सीमित रखे गए हैं।
Action Bharat | National Desk
