नई दिल्ली (Action Bharat) | हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को अनंत चतुर्दशी के रूप में मनाया जाता है। यह दिन दो वजहों से विशेष माना जाता है। एक ओर इस दिन गणेशोत्सव का समापन और बप्पा की विदाई होती है, वहीं दूसरी ओर भगवान विष्णु के ‘अनंत’ स्वरूप की पूजा का विधान बताया गया है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार महाभारत काल में पांडवों ने भी अपना खोया हुआ राजपाट वापस पाने के लिए महर्षि वेदव्यास के निर्देश पर अनंत चतुर्दशी का सात्विक व्रत रखा था।
अनंत चतुर्दशी के व्रत में केवल उपवास रखना ही महत्वपूर्ण नहीं माना जाता, बल्कि खान-पान में संयम रखने की भी परंपरा बताई गई है। दिए गए स्रोत के अनुसार व्रत के दौरान कुछ विशेष चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए।
1. चावल
व्रत के दौरान चावल का सेवन न करने की सलाह दी गई है। स्रोत के अनुसार पूजा में भगवान विष्णु को अक्षत यानी चावल चढ़ाए जा सकते हैं, लेकिन फलाहार के रूप में चावल को शामिल नहीं करना चाहिए। चतुर्दशी के दिन चावल खाना शास्त्रों में वर्जित माना गया है।
2. सफेद नमक
अनंत चतुर्दशी के व्रत में सफेद नमक से भी परहेज करने की बात कही गई है। स्रोत के अनुसार सादा नमक खाने से व्रत खंडित माना जाता है। यदि स्वास्थ्य कारणों से नमक की जरूरत हो तो शाम की पूजा के बाद सीमित मात्रा में सेंधा नमक लेने का उल्लेख है।
3. कच्चा दूध और बाजार की मिठाइयां
स्रोत में कच्चे दूध के सेवन से भी बचने की बात कही गई है। भगवान विष्णु के अभिषेक में इस्तेमाल होने वाले कच्चे दूध को स्वयं पीने से मना किया गया है।
इसके साथ ही बाजार में मिलने वाली सफेद मिठाइयों, जैसे पेड़ा और रसगुल्ला, से भी बचने की सलाह दी गई है। स्रोत में इसकी वजह मिठाइयों में मिलावट की आशंका बताई गई है।
4. दही
दही भी उन खाद्य पदार्थों में शामिल है, जिनसे व्रत के दौरान बचने की सलाह दी गई है। स्रोत के अनुसार भगवान के पंचामृत में दही का इस्तेमाल होता है, लेकिन व्रत रखने वाले व्यक्ति को इसे खाने से बचना चाहिए।
धार्मिक मान्यता के अनुसार दही शरीर में कफ और आलस्य बढ़ाता है और व्रत में सात्विकता बनाए रखना जरूरी माना जाता है।
व्रत में क्या खा सकते हैं?
स्रोत के अनुसार अनंत चतुर्दशी के व्रत में ताजे फल, मखाने, सूखे मेवे और सिंघाड़े के आटे से बनी चीजें खाई जा सकती हैं। इन्हें व्रत के दौरान उपयुक्त फलाहार के तौर पर बताया गया है।
भगवान विष्णु की पूजा के शुभ मुहूर्त
भगवान विष्णु की पूजा के लिए स्रोत में सुबह 6:11 बजे से रात 11:06 बजे तक का समय शुभ बताया गया है। इसके अलावा कुछ विशेष मुहूर्त भी बताए गए हैं।
| मुहूर्त | समय |
|---|---|
| ब्रह्म मुहूर्त | सुबह 4:35 से 5:23 बजे तक |
| अभिजीत मुहूर्त | सुबह 11:48 से दोपहर 12:37 बजे तक |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 2:13 से 3:01 बजे तक |
| गोधूलि मुहूर्त | शाम 6:14 से 6:38 बजे तक |
इन मुहूर्तों का उल्लेख स्रोत में भगवान विष्णु की पूजा के लिए किया गया है।
धार्मिक मान्यताओं का ध्यान रखें
अनंत चतुर्दशी के व्रत से जुड़े खान-पान और पूजा के नियम अलग-अलग परंपराओं में अलग हो सकते हैं। ऊपर दी गई जानकारी दिए गए स्रोत में वर्णित धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है।
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