मोदीनगर की औद्योगिक विरासत से सिंगापुर के कारोबारी साम्राज्य तक, जानिए बी.के. मोदी की कहानी

कारोबार

नई दिल्ली (Action Bharat) | भारत के पुराने औद्योगिक कारोबारी परिवारों में शामिल मोदी परिवार से निकले भूपेंद्र कुमार मोदी (बी.के. मोदी) ने पारंपरिक उद्योगों से आगे बढ़कर टेक्नोलॉजी, टेलीकॉम और डिजिटल कारोबार में अपनी पहचान बनाई। उद्योगपति गुजरमल मोदी के बेटे बी.के. मोदी ने बाद में सिंगापुर को अपने वैश्विक कारोबार का प्रमुख आधार बनाया और कई अंतरराष्ट्रीय क्षेत्रों में कारोबार का विस्तार किया।

मोदीनगर की विरासत से शुरू हुआ सफर

भूपेंद्र कुमार मोदी का जन्म 1949 में मोदीनगर में हुआ था। उनके पिता गुजरमल मोदी ने 1930 के दशक में मोदीनगर को एक औद्योगिक शहर के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

परिवार की मजबूत औद्योगिक पृष्ठभूमि होने के बावजूद बी.के. मोदी ने अपने कारोबारी सफर को पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने टेक्नोलॉजी, ऑफिस ऑटोमेशन और बाद में टेलीकॉम जैसे उभरते क्षेत्रों में कारोबार की संभावनाएं तलाशीं।

विदेशी कंपनियों के साथ जॉइंट वेंचर का मॉडल

बी.के. मोदी के कारोबारी सफर में Xerox, Olivetti, Alcatel और Telstra जैसी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ साझेदारी महत्वपूर्ण रही। जॉइंट वेंचर के जरिए विदेशी तकनीक और कंपनियों को भारतीय बाजार से जोड़ने की उनकी रणनीति के कारण उन्हें कारोबारी जगत में ‘JV King of India’ के नाम से भी जाना गया।

भारत की शुरुआती मोबाइल क्रांति से जुड़ा नाम

बी.के. मोदी के करियर का सबसे चर्चित दौर टेलीकॉम कारोबार से जुड़ा रहा। मोदी टेल्स्ट्रा के जरिए 1990 के दशक में भारत के शुरुआती मोबाइल नेटवर्क कारोबार में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

इसके बाद Spice Communications, Spice Mobiles और Spice Digital के जरिए उन्होंने मोबाइल सेवाओं, हैंडसेट और डिजिटल वैल्यू-एडेड सर्विसेज के क्षेत्र में विस्तार किया।

2008 में उन्होंने टेलीकॉम कारोबार से बाहर निकलने का फैसला किया। इसके बाद उनका कारोबारी समूह धीरे-धीरे ‘Spice’ से आगे बढ़कर ‘Smart’ ब्रांड के तहत विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय हुआ।

अब किन-किन क्षेत्रों में कारोबार?

सिंगापुर स्थित Smart Group के मुताबिक, समूह की गतिविधियां अब केवल टेलीकॉम तक सीमित नहीं हैं। इसके कारोबारी हितों में कई क्षेत्र शामिल हैं, जिनमें—

  • मोबिलिटी और इलेक्ट्रिक वाहन
  • वित्तीय सेवाएं
  • हेल्थकेयर
  • टेक्नोलॉजी
  • क्लीन एनर्जी
  • लाइफ साइंसेज
  • रियल एस्टेट
  • हॉस्पिटैलिटी
  • शिक्षा और मनोरंजन

हेल्थकेयर क्षेत्र में Modi Mediciti और वेलनेस से जुड़े प्रोजेक्ट्स का उल्लेख समूह करता है। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में सिंगापुर में ऑल-इलेक्ट्रिक टैक्सी फ्लीट जैसी पहलों से भी समूह जुड़ा रहा है।

सिंगापुर बना वैश्विक कारोबार का आधार

बी.के. मोदी ने सिंगापुर को अपने अंतरराष्ट्रीय कारोबारी विस्तार का प्रमुख केंद्र बनाया। 2012 में उन्होंने सिंगापुर की नागरिकता हासिल की।

Forbes ने 2017 में उन्हें सिंगापुर के 50 सबसे अमीर लोगों की सूची में शामिल किया था और उस समय उनकी संपत्ति का अनुमान 665 मिलियन डॉलर लगाया गया था। हालांकि, 2026 के लिए उनकी मौजूदा नेटवर्थ का कोई निश्चित और स्वतंत्र रूप से सत्यापित आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।

चार दशक से ज्यादा का कारोबारी सफर

बी.के. मोदी की कारोबारी यात्रा मोदीनगर की औद्योगिक विरासत से शुरू होकर भारत की टेलीकॉम क्रांति और फिर अंतरराष्ट्रीय कारोबार तक पहुंची।

आज उनकी कारोबारी पहचान टेलीकॉम से आगे बढ़कर टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और क्लीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों से जुड़ी है। Smart Group के अनुसार, उसका कारोबार और निवेश भारत व सिंगापुर के अलावा एशिया, अमेरिका, ब्रिटेन, मध्य-पूर्व और अफ्रीका तक फैला हुआ है।

इस तरह गुजरमल मोदी की औद्योगिक विरासत से निकले बी.के. मोदी ने अपने कारोबारी सफर में पारंपरिक उद्योगों से अलग क्षेत्रों में विस्तार करते हुए परिवार की कारोबारी कहानी को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया।

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