‘बुलेटिन ऑफ द एटॉमिक साइंटिस्ट्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत परमाणु हथियार ले जाने वाली मिसाइलों और अन्य सैन्य प्रणालियों को लगातार मजबूत कर रहा है। हालांकि, भारत अपनी परमाणु हथियारों की वास्तविक संख्या, तैनाती और मिसाइलों की ऑपरेशनल रेंज को सार्वजनिक नहीं करता।
हवा से परमाणु हमला करने की क्षमता
रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय वायुसेना के मिराज-2000 और जगुआर विमानों को परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम माना जाता है। वहीं, भविष्य में राफेल लड़ाकू विमान भी इस भूमिका में अहम योगदान दे सकते हैं।
जमीन और समुद्र से भी जवाब देने की ताकत
भारत के पास जमीन से मार करने वाली लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें और समुद्र से परमाणु हमला करने वाली प्रणालियां मौजूद हैं। परमाणु क्षमता से लैस पनडुब्बियां भारत की रणनीतिक सुरक्षा को मजबूत करती हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत अपनी ‘नो फर्स्ट यूज’ नीति पर कायम है। यानी भारत पहले परमाणु हमला नहीं करने की नीति अपनाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, न्यूक्लियर ट्रायड का सबसे बड़ा रणनीतिक महत्व यह है कि किसी बड़े हमले की स्थिति में भी देश के पास जवाबी कार्रवाई की क्षमता बनी रहती है।
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