नई दिल्ली (Action Bharat) | शेयर बाजार के कारोबारी समय, समापन नीलामी सत्र (CAS) और वायदा एवं विकल्प (F&O) खंड में निपटान की पद्धति को लेकर भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) को करीब 20,000 टिप्पणियां मिली हैं। नियामक अब इन सुझावों की समीक्षा कर आगे की प्रक्रिया शुरू करेगा। SEBI चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने संकेत दिया है कि इस संबंध में जल्द सर्कुलर जारी किया जा सकता है।
तीन अक्टूबर तक मिलीं 20 हजार टिप्पणियां
SEBI ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर बताया कि तीन अक्टूबर 2026 को शाम सात बजे तक उसे 20,000 टिप्पणियां प्राप्त हुई थीं। नियामक ने CAS व्यवस्था, बाजार के कारोबारी समय और F&O खंड में अनुबंधों के निपटान की पद्धति के कुछ पहलुओं की समीक्षा के लिए जनता से तीन अक्टूबर तक सुझाव मांगे थे।
टिप्पणियों की यह संख्या SEBI चेयरमैन द्वारा पहले बताए गए 3,500 से अधिक सुझावों के आंकड़े से काफी ज्यादा है।
जल्द जारी हो सकता है नया सर्कुलर
SEBI चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने कहा कि नियामक सभी टिप्पणियों को देखेगा और आगे की प्रक्रिया शुरू करेगा। उनसे पूछा गया कि क्या इस मामले में जल्द सर्कुलर जारी किया जा सकता है, तो उन्होंने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि ऐसा होगा।
पांडेय के मुताबिक, परामर्श पत्र में प्रस्ताव स्पष्ट रूप से परिभाषित हैं, इसलिए सुझावों को संकलित करने और उनका विश्लेषण करने में ज्यादा समय नहीं लगना चाहिए।
CAS और डेरिवेटिव निपटान व्यवस्था की समीक्षा
SEBI ने सितंबर में CAS व्यवस्था और सूचकांक तथा शेयर डेरिवेटिव के समाप्ति वाले दिन निपटान मूल्य तय करने की पद्धति में बदलाव का प्रस्ताव रखा था। यह समीक्षा इक्विटी नकदी खंड में CAS लागू किए जाने और डेरिवेटिव के निपटान मूल्य पर उसके संभावित प्रभाव को लेकर उठी चिंताओं के बाद की गई।
CAS का उद्देश्य नीलामी प्रक्रिया के जरिए शेयरों का समापन मूल्य निर्धारित करना है। नियामक ने बाजार प्रतिभागियों से इस व्यवस्था से जुड़े विशिष्ट मुद्दों के समाधान के लिए अलग-अलग सुझाव मांगे थे।
बॉन्ड बाजार और विदेशी निवेश पर भी बोले SEBI चेयरमैन
पांडेय ने कॉरपोरेट बॉन्ड डेरिवेटिव बाजार के विकास पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए नियामकीय व्यवस्था, तकनीकी बुनियादी ढांचा और बाजार में भागीदारी—तीनों महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने बताया कि SEBI बॉन्ड बाजार में एक्सचेंज के माध्यम से कारोबार को बढ़ावा देने के लिए प्राथमिक निर्गमों में इलेक्ट्रॉनिक बोली मंच, ऑनलाइन बॉन्ड मंच संचालकों का नियमन और द्वितीयक बाजार में कोटेशन मांगने की व्यवस्था जैसे कदम उठा रहा है।
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) के बारे में उन्होंने कहा कि SEBI भारतीय बाजार में उनके प्रवेश और कारोबार को आसान बनाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के साथ काम कर रहा है। हालांकि, निवेश का फैसला अलग-अलग बाजारों में उपलब्ध अवसरों और संभावित लाभ पर निर्भर करता है।
अब बाजार प्रतिभागियों की नजर SEBI की समीक्षा और प्रस्तावित बदलावों पर जारी होने वाले नए सर्कुलर पर रहेगी।
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