नई दिल्ली (Action Bharat) | त्योहारी सीजन से पहले LPG ग्राहकों के लिए एक अहम खबर सामने आई है। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) ने कम LPG खपत वाले ग्राहकों और प्रवासी लोगों के लिए 5 किलोग्राम का ‘छोटू’ LPG सिलिंडर उपलब्ध कराया है। खास बात यह है कि इस सिलिंडर को वापस करने पर ग्राहकों को 500 रुपये की निश्चित राशि रिफंड के रूप में मिल सकती है।
क्या है ‘छोटू’ LPG सिलिंडर?
इंडियन ऑयल का ‘छोटू’ सिलिंडर 5 किलोग्राम LPG क्षमता वाला सिलिंडर है। इसे खास तौर पर उन लोगों को ध्यान में रखकर उपलब्ध कराया गया है, जो काम या रोजगार के सिलसिले में दूसरे शहरों में रहते हैं और जिनकी LPG की खपत अपेक्षाकृत कम होती है।
इसके अलावा कम जगह वाले घरों या ऐसे ग्राहकों के लिए भी यह विकल्प उपयोगी है, जिन्हें बड़े घरेलू LPG सिलिंडर की जरूरत नहीं पड़ती।
कहां से खरीद सकते हैं?
ग्राहक ‘इंडेन’ के डिस्ट्रीब्यूटर नेटवर्क के अलावा इंडियन ऑयल के कुछ रिटेल आउटलेट, चुनिंदा किराना स्टोर और स्थानीय सुपरमार्केट से ‘छोटू’ सिलिंडर प्राप्त कर सकते हैं।
इस सिलिंडर को रिफिल कराने के लिए ग्राहक देश में किसी भी बिक्री केंद्र या इंडेन डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर जा सकते हैं। यानी दूसरे शहर में जाने पर भी रिफिल की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
सिलिंडर वापस करने पर 500 रुपये रिफंड
‘छोटू’ सिलिंडर की सबसे खास बात इसका रिफंड प्रावधान है। इसे खरीदते समय भारी-भरकम सिक्योरिटी डिपॉजिट की जरूरत नहीं बताई गई है।
ग्राहक जब चाहें अपना ‘छोटू’ सिलिंडर वापस कर सकते हैं और 500 रुपये की निश्चित राशि रिफंड के तौर पर प्राप्त कर सकते हैं। इसमें यह मायने नहीं रखता कि ग्राहक ने सिलिंडर कितने समय तक इस्तेमाल किया है।
इसके अलावा ग्राहक इसे देश के किसी भी बिक्री केंद्र या इंडेन डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर ले जाकर रिफिल करा सकते हैं। होम डिलीवरी लेने पर पॉइंट ऑफ सेल के माध्यम से 25 रुपये प्रति रिफिल अतिरिक्त डिलीवरी चार्ज लिया जा सकता है।
त्योहारी सीजन में बढ़ सकती है LPG की मांग
अक्टूबर में त्योहारी सीजन शुरू होने के साथ घरेलू और व्यावसायिक दोनों क्षेत्रों में LPG की खपत बढ़ने की उम्मीद है। इसी वजह से कम खपत वाले ग्राहकों के लिए छोटू सिलिंडर को एक सुविधाजनक विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।
हालांकि शुरुआती आंकड़ों के अनुसार सितंबर में देश में LPG की मांग में सालाना आधार पर कमी दर्ज की गई। पेट्रोलियम योजना एवं विश्लेषण प्रकोष्ठ (PPAC) के आंकड़ों के मुताबिक सितंबर में LPG की खपत करीब 26.36 लाख टन रही, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह लगभग 29.02 लाख टन थी। यानी सालाना आधार पर करीब 9.15 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
LPG की मांग क्यों हुई कम?
पश्चिम एशिया संकट के बाद रसोई गैस पर निर्भरता कम करने के लिए PNG नेटवर्क के विस्तार पर भी जोर दिया गया है। वहीं कमर्शियल LPG सिलिंडरों की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद कुछ व्यावसायिक उपभोक्ताओं ने इंडक्शन और इलेक्ट्रिक चूल्हे जैसे विकल्पों का इस्तेमाल बढ़ाया है।
अब त्योहारी सीजन में घरेलू और कमर्शियल गतिविधियां बढ़ने के साथ LPG की मांग में फिर तेजी आने की संभावना है।
ध्यान दें: 500 रुपये का रिफंड ‘छोटू’ 5 किलोग्राम सिलिंडर वापस करने से जुड़ा है, यह हर LPG उपभोक्ता को मिलने वाला सामान्य ₹500 कैश लाभ नहीं है।
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