नई दिल्ली (Action Bharat) | मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर कांग्रेस के विरोध मार्च के बीच भाजपा ने कांग्रेस पर जोरदार पलटवार किया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस से पांच तीखे सवाल पूछते हुए मतदाता सूची में संदिग्ध, मृतक, डुप्लीकेट और स्थानांतरित मतदाताओं की जांच को जरूरी बताया।
सुधांशु त्रिवेदी ने दावा किया कि भाजपा सरकार आने के बाद विभिन्न योजनाओं की जांच में 5.8 करोड़ फर्जी राशन कार्ड सामने आए, जबकि मनरेगा के लाभार्थियों में वर्ष 2019 के बाद 4 करोड़ 45 लाख ऐसे लोग पाए गए, जो उनके अनुसार अस्तित्व में ही नहीं थे और मनरेगा की मजदूरी प्राप्त कर रहे थे।
भाजपा ने इसी आधार पर कांग्रेस से सवाल किया कि यदि सरकारी योजनाओं की लाभार्थी सूची में फर्जी या संदिग्ध नाम सामने आ सकते हैं, तो मतदाता सूची में संदिग्ध नाम क्यों नहीं हो सकते? भाजपा का कहना है कि मतदाता सूची की जांच और सत्यापन की प्रक्रिया पर सवाल उठाने के बजाय कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह संदिग्ध मतदाताओं को बिना जांच मताधिकार दिए जाने के पक्ष में क्यों है।
संवैधानिक संस्थाओं पर भ्रम फैलाने का आरोप
सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कांग्रेस नेताओं के पुराने बयानों और वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस के नेता पहले डुप्लीकेट, मृतक और स्थानांतरित मतदाताओं की पहचान और जांच की जरूरत की बात करते रहे हैं, लेकिन अब वही पार्टी SIR की प्रक्रिया का विरोध कर रही है।
भाजपा ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस जिन 13 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे जाने की बात कर रही है, उनमें लगभग 2.8 करोड़ मृतक, 6.3 करोड़ स्थानांतरित, एक करोड़ डुप्लीकेट तथा करीब तीन करोड़ अनुपस्थित या नॉन-ट्रेसेबल मतदाता बताए जा रहे हैं। भाजपा के अनुसार, जिन लोगों के पास अपने नाम और पात्रता से संबंधित दस्तावेज हैं, उन्हें सत्यापन प्रक्रिया में अपना पक्ष रखने का अवसर उपलब्ध है।
असम और घुसपैठ का भी उठाया मुद्दा
भाजपा ने असम की धुबरी लोकसभा सीट का उदाहरण देते हुए कांग्रेस से सवाल किया। सुधांशु त्रिवेदी ने दावा किया कि सर्वाधिक घुसपैठ वाले क्षेत्रों में गिनी जाने वाली धुबरी सीट पर कांग्रेस को लगभग 10 लाख वोटों के अंतर से जीत मिली थी। भाजपा ने सवाल उठाया कि यदि मतदाता सूची में संदिग्ध नामों की जांच नहीं होगी तो इसका लाभ किसे मिलेगा।
भाजपा के कांग्रेस से पांच सवाल
भाजपा ने कांग्रेस के सामने पांच प्रमुख सवाल रखे—
पहला सवाल: कांग्रेस ने अब तक कितनी संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाए हैं और उनमें से कितने आरोप साबित हुए हैं?
दूसरा सवाल: यदि मनरेगा में साढ़े चार करोड़ से अधिक और राशन कार्डों में करोड़ों संदिग्ध नाम सामने आ सकते हैं, तो कांग्रेस के पास ऐसा कौन-सा आधार है जिससे वह मानती है कि मतदाता सूची में संदिग्ध नाम नहीं हो सकते?
तीसरा सवाल: 2003 के पिछले SIR से पहले जिन राज्यों में कांग्रेस का राजनीतिक आधार कमजोर या समाप्त हुआ, उसके लिए कांग्रेस किसे जिम्मेदार मानती है?
चौथा सवाल: भाजपा ने राहुल गांधी से पूछा कि उन्होंने अब तक कितने चुनावों में लगातार एक, डेढ़ या दो सप्ताह तक कैंप कर व्यापक चुनाव प्रचार किया है?
पांचवां सवाल: भाजपा ने पूछा कि जिन राज्यों में इस समय उपचुनाव हो रहे हैं, क्या कांग्रेस ने वहां की मतदाता सूची की स्वयं जांच कर ली है?
भाजपा ने इन सवालों के जरिए कांग्रेस के SIR विरोध पर सवाल खड़े किए हैं। वहीं, SIR को लेकर कांग्रेस की आपत्तियां और चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर उसका पक्ष इस राजनीतिक विवाद का दूसरा महत्वपूर्ण पक्ष है।
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