लखनऊ (Action Bharat) | उत्तर प्रदेश में मुफ्त राशन लेने वाले लाभार्थियों के लिए राहत भरी खबर है। खाद्य एवं रसद विभाग ने स्पष्ट किया है कि राशन प्राप्त करने के लिए नया मोबाइल फोन खरीदना जरूरी नहीं है। सोशल मीडिया पर इस संबंध में प्रसारित हो रही जानकारी को विभाग ने गलत बताया है।
खाद्य एवं रसद विभाग के अपर आयुक्त सत्यदेव के अनुसार, उचित दर की दुकानों पर ई-पास मशीन और इलेक्ट्रॉनिक वेइंग स्केल के माध्यम से पारदर्शी तरीके से राशन वितरण किया जा रहा है।
फिंगरप्रिंट मैच नहीं हुआ तो मिलेंगे दो अतिरिक्त मौके
विभाग के मुताबिक, यदि राशन लेने के दौरान लाभार्थी का फिंगरप्रिंट पहली बार में मैच नहीं होता है, तो उसी दिन दो अतिरिक्त मौके दिए जाएंगे। यानी पहली कोशिश में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण विफल होने पर लाभार्थी को दोबारा प्रयास करने का अवसर मिलेगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य बायोमेट्रिक पहचान में आने वाली दिक्कतों के बावजूद पात्र लोगों को राशन प्राप्त करने में मदद करना है।
बायोमेट्रिक फेल होने पर आइरिस स्कैन का विकल्प
यदि अतिरिक्त प्रयासों के बाद भी फिंगरप्रिंट से पहचान सत्यापित नहीं हो पाती है, तो लाभार्थी के लिए आइरिस स्कैन यानी आंखों की पुतली के माध्यम से पहचान सत्यापित करने का विकल्प उपलब्ध है।
इससे उन लोगों को राहत मिल सकती है, जिन्हें फिंगरप्रिंट मैच कराने में परेशानी होती है।
सोशल मीडिया की भ्रामक जानकारी से बचें
खाद्य एवं रसद विभाग ने स्पष्ट किया है कि मुफ्त राशन लेने के लिए नया मोबाइल खरीदना अनिवार्य नहीं है। लाभार्थियों को ऐसी अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय विभाग की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी पर ध्यान देना चाहिए।
#ActionBharat #UttarPradesh #FreeRation #मुफ्तराशन #RationCard #खाद्यविभाग #LucknowNews #सरकारीयोजना
