ब्रिस्बेन (Action Bharat) | बांग्लादेश की महिला क्रिकेटर शोभना मोस्तरी ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे वनडे मुकाबले में दबाव के बीच शानदार शतक लगाकर इतिहास रच दिया। ब्रिस्बेन के एलन बॉर्डर फील्ड में खेलते हुए मोस्तरी ने उस समय पारी को संभाला, जब बांग्लादेश की टीम महज 8 रन पर अपने तीन विकेट गंवा चुकी थी। उनकी 118 रन की ऐतिहासिक पारी के बावजूद बांग्लादेश को मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा।
8 रन पर गिर गए थे 3 विकेट
पहले बल्लेबाजी करने उतरी बांग्लादेश की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने 7.2 ओवर में सिर्फ 8 रन के स्कोर पर तीन विकेट गंवा दिए थे। ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाज मेगन शूट और किम गार्थ ने शुरुआती झटके देकर बांग्लादेश को मुश्किल में डाल दिया।
मेगन शूट ने फरगाना हक और शर्मिन अख्तर को आउट किया, जबकि किम गार्थ ने सरमिन सुल्ताना को पवेलियन भेज दिया। शुरुआती विकेट गिरने के बाद बांग्लादेश के लिए सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचना भी चुनौती बन गया था।
ऐसे मुश्किल समय में शोभना मोस्तरी ने धैर्य और समझदारी के साथ बल्लेबाजी की। उन्होंने कप्तान निगार सुल्ताना जोटी के साथ मिलकर पारी को संभाला और धीरे-धीरे टीम को संकट से बाहर निकाला।
134 गेंदों में 118 रन, लगाए 18 चौके
शोभना मोस्तरी ने अपनी पारी में शानदार संयम दिखाया। उन्होंने 66 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और इसके बाद बल्लेबाजी की रफ्तार बढ़ा दी। मोस्तरी ने 123 गेंदों में अपना शतक पूरा किया।
उन्होंने कुल 134 गेंदों का सामना करते हुए 118 रन बनाए, जिसमें 18 चौके शामिल रहे। यह उनका पहला वनडे शतक था। इसके साथ ही वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ महिला वनडे में शतक लगाने वाली बांग्लादेश की पहली महिला क्रिकेटर बन गईं।
मोस्तरी बांग्लादेश की उन चुनिंदा महिला खिलाड़ियों में भी शामिल हो गईं, जिन्होंने वनडे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतक बनाया है। उनसे पहले फरजाना हक पिंकी और निगार सुल्ताना जोटी यह उपलब्धि हासिल कर चुकी थीं।
कप्तान जोटी के साथ 195 रन की साझेदारी
मोस्तरी को दूसरे छोर से कप्तान निगार सुल्ताना जोटी का बेहतरीन साथ मिला। दोनों बल्लेबाजों ने चौथे विकेट के लिए 195 रन की शानदार साझेदारी की। इस साझेदारी ने बांग्लादेश की पारी को नई दिशा दी और टीम को शुरुआती संकट से बाहर निकाला।
जोटी ने भी जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 74 रन बनाए। दोनों खिलाड़ियों के प्रयास से बांग्लादेश ने निर्धारित पारी में 6 विकेट के नुकसान पर 220 रन बनाए।
इस साझेदारी को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ महिला वनडे क्रिकेट में किसी भी विकेट के लिए बांग्लादेश की सबसे बड़ी साझेदारियों में गिना गया। मोस्तरी ने अपनी पारी से बांग्लादेश की महिला क्रिकेट टीम के लिए एक नया मानक भी स्थापित किया।
फरगाना हक का रिकॉर्ड भी टूटा
मोस्तरी की 118 रन की पारी बांग्लादेश की महिला वनडे क्रिकेट में किसी खिलाड़ी का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर बनी। उन्होंने फरगाना हक के 107 रन के पिछले राष्ट्रीय रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
इस तरह उनकी पारी कई मायनों में खास रही। उन्होंने न केवल टीम को शुरुआती संकट से निकाला, बल्कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शतक बनाने वाली पहली बांग्लादेशी महिला खिलाड़ी बनने का गौरव भी हासिल किया।
जॉर्जिया वोल के शतक ने ऑस्ट्रेलिया को दिलाई जीत
बांग्लादेश के 220 रन बनाने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया। ऑस्ट्रेलिया की जॉर्जिया वोल ने नाबाद 131 रन बनाए, जबकि फोबे लिचफील्ड ने 70 रन की पारी खेली। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 162 रन की साझेदारी हुई।
ऑस्ट्रेलिया ने 28.1 ओवर में एक विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और नौ विकेट से मुकाबला जीत लिया। इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने एक मैच शेष रहते ही वनडे सीरीज भी अपने नाम कर ली।
हार के बावजूद याद रखी जाएगी मोस्तरी की पारी
बांग्लादेश भले ही यह मुकाबला हार गया, लेकिन शोभना मोस्तरी की ऐतिहासिक पारी महिला क्रिकेट में लंबे समय तक याद रखी जाएगी। महज 8 रन पर तीन विकेट गिरने के बाद शतक लगाना उनके धैर्य, तकनीक और दबाव में खेलने की क्षमता को दर्शाता है।
उनकी इस उपलब्धि ने साबित किया कि व्यक्तिगत प्रदर्शन कभी-कभी हार के बावजूद इतिहास में अपनी अलग पहचान बना लेता है।
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