नई दिल्ली | Action Bharat News
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के चर्चित मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई करते हुए जांच को और अधिक पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाने पर जोर दिया। उत्तर प्रदेश सरकार ने कोर्ट को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व निर्देशों के अनुपालन में मामले की जांच के लिए नई विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को जानकारी दी कि नई SIT का नेतृत्व लखनऊ रेंज की पुलिस महानिरीक्षक (IG) किरण एस करेंगी। टीम में अयोध्या रेंज के DIG सोमेन बर्मा और अयोध्या के SSP गौरव ग्रोवर को भी शामिल किया गया है।
📍 सुप्रीम कोर्ट ने दिए अहम निर्देश
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जांच पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। कोर्ट ने सुझाव दिया कि SIT में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) को भी सदस्य बनाया जाए ताकि वित्तीय लेन-देन की गहराई से जांच हो सके।
इसके अलावा अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि टीम में पांचवें सदस्य के रूप में एक फॉरेंसिक ऑडिटर भी शामिल किया जाए। यह टीम दो सप्ताह के भीतर अपनी पहली स्टेटस रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल करेगी।
📍 दो सप्ताह बाद होगी अगली सुनवाई
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद तय करते हुए कहा कि जांच निष्पक्ष, तेज और बिना किसी भेदभाव के होनी चाहिए।
पीठ ने स्पष्ट किया कि मामले की पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
📍 मामला क्या है?
राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई दानराशि के कथित गबन और चोरी के आरोपों को लेकर यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। इससे पहले अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार से विशेष जांच दल (SIT) गठित करने पर विचार करने को कहा था। अब नई SIT के गठन और जांच के दायरे को मजबूत करने के साथ मामले की निगरानी सुप्रीम कोर्ट स्वयं कर रहा है।
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