नई दिल्ली। CJP आंदोलन को लेकर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के एक बयान ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। केजरीवाल ने कहा कि इस आंदोलन में शामिल लोग केवल तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगने नहीं आए थे, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को ठोकने आए थे।
‘क्रूड भाषा में बोलूं तो मोदी जी को ठोकने आए थे’
एक इंटरव्यू के दौरान CJP आंदोलन को लेकर सवाल पूछे जाने पर केजरीवाल ने कहा कि प्रदर्शनकारियों का मकसद सिर्फ धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेना नहीं था। उन्होंने कहा कि आंदोलन के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति लोगों का गुस्सा भी था।
केजरीवाल ने कहा, “अगर मैं क्रूड भाषा में बोलूं तो मोदी जी को ठोकने आए थे।” उनका यह बयान सामने आने के बाद बीजेपी ने इसे लेकर केजरीवाल और आम आदमी पार्टी पर निशाना साधना शुरू कर दिया है।
पेपर लीक को लेकर भी बोले केजरीवाल
केजरीवाल ने CJP आंदोलन के मकसद पर बात करते हुए कहा कि असली मुद्दा NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवाल हैं। उनका कहना था कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो गया, लेकिन इससे पेपर लीक की समस्या खत्म हो जाएगी, इसकी कोई गारंटी नहीं है।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आंदोलन में उठाए गए मूल मुद्दों पर अभी भी पर्याप्त चर्चा नहीं हो रही है।
बीजेपी ने लगाया गंभीर आरोप
केजरीवाल के बयान के बाद बीजेपी ने CJP आंदोलन को लेकर आम आदमी पार्टी पर हमला बोला। बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि आंदोलन की आड़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने की कोशिश की गई।
बीजेपी ने केजरीवाल के बयान को आधार बनाते हुए सवाल उठाया कि क्या CJP आंदोलन के पीछे राजनीतिक मकसद था और क्या आम आदमी पार्टी का इसमें कोई रोल था।
CJP आंदोलन को लेकर बढ़ी सियासी बहस
अब केजरीवाल के इस बयान के बाद CJP आंदोलन को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। एक तरफ केजरीवाल इसे पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों से जोड़ रहे हैं, वहीं बीजेपी उनके बयान को प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित राजनीतिक अभियान के तौर पर देख रही है।
फिलहाल केजरीवाल के ‘मोदी जी को ठोकने’ वाले बयान पर सियासत गरमा गई है और बीजेपी बनाम AAP के बीच आरोप-प्रत्यारोप का नया दौर शुरू हो गया है।
