नई दिल्ली। अगर आप सोना-चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे हैं या कीमती धातुओं की कीमतों पर नजर रखते हैं, तो यह खबर आपके लिए अहम है। सरकार की ओर से कीमती धातुओं पर आयात शुल्क 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किए जाने के बाद भारत में सोने और चांदी के आयात पर इसका असर दिखाई देने लगा है।
वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई 2026 में सोने के आयात की रफ्तार काफी धीमी हुई, जबकि चांदी के आयात में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
जुलाई में सोने का आयात कितना रहा?
जुलाई में भारत ने करीब 4.16 अरब डॉलर का सोना आयात किया। हालांकि इसमें पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 4.77 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, लेकिन आयात की वृद्धि दर पिछले कुछ महीनों की तुलना में लगातार कम हुई है।
आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल में सोने के आयात की वृद्धि दर 81.69 प्रतिशत थी। मई में यह घटकर 34 प्रतिशत, जून में 7 प्रतिशत और जुलाई में सिर्फ 4.77 प्रतिशत रह गई।
यानी सोने के आयात की रफ्तार में लगातार कमी देखने को मिल रही है।
चांदी के आयात में 66 प्रतिशत की भारी गिरावट
चांदी के मामले में गिरावट और भी ज्यादा बड़ी रही। जुलाई में भारत का चांदी आयात 66.1 प्रतिशत घटकर सिर्फ 17.16 करोड़ डॉलर रह गया।
वित्त वर्ष 2026-27 के अप्रैल से जुलाई तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस अवधि में सोने का कुल आयात 32.41 प्रतिशत बढ़कर 15.17 अरब डॉलर हो गया।
वहीं, चांदी का आयात 50.81 प्रतिशत गिरकर 71.84 करोड़ डॉलर रह गया।
दिल्ली में सोना 1.57 लाख रुपये के करीब
देश में सोने-चांदी की कीमतों में भी तेजी बनी हुई है। 13 अगस्त को दिल्ली में सोने का भाव करीब 1.57 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि चांदी करीब 2.40 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई।
ऊंची कीमतों के साथ बढ़े हुए आयात शुल्क का असर घरेलू मांग और आयात पर भी पड़ रहा है।
भारत सबसे ज्यादा कहां से खरीदता है सोना?
भारत अपनी ज्वैलरी इंडस्ट्री की जरूरतों को पूरा करने के लिए बड़ी मात्रा में सोने का आयात करता है। इसमें स्विट्जरलैंड की हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत है।
इसके बाद UAE की हिस्सेदारी 16 प्रतिशत से ज्यादा और दक्षिण अफ्रीका की करीब 10 प्रतिशत बताई गई है।
जुलाई में स्विट्जरलैंड से भारत का सोना आयात 62.26 प्रतिशत बढ़कर करीब 2 अरब डॉलर रहा।
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता
चीन के बाद भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोने का उपभोक्ता है। देश में आभूषण उद्योग के अलावा निवेश और अन्य जरूरतों के लिए भी सोने की बड़ी मांग रहती है।
भारत के कुल आयात में कीमती धातुओं की हिस्सेदारी 5 प्रतिशत से अधिक है। ऐसे में सोने के आयात में होने वाला बदलाव देश के चालू खाते के घाटे (CAD) पर भी असर डाल सकता है।
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आयात शुल्क बढ़ने के बाद चांदी के आयात में भारी गिरावट और सोने के आयात की घटती रफ्तार ने बाजार का ध्यान खींचा है। हालांकि, सोने-चांदी की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, इसलिए खरीदारों के लिए आगे भी अंतरराष्ट्रीय कीमतों, रुपये की चाल और सरकारी शुल्क पर नजर रखना महत्वपूर्ण रहेगा।
