नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड यानी NHB की वाणिज्यिक बागवानी और शीत भंडारण योजनाओं के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता के नियमों को सख्त कर दिया है। नए नियमों के तहत अब मंत्री, सांसद, विधायक, महापौर और जिला पंचायत अध्यक्ष समेत कई श्रेणियों के लोग इन योजनाओं के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता के पात्र नहीं होंगे।
राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड ने नए दिशा-निर्देश 21 अगस्त 2026 को जारी किए हैं और इन्हें तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
🎯 किन लोगों को योजना से बाहर किया गया?
संशोधित पात्रता नियमों के मुताबिक संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के अलावा सांसदों, विधायकों, महापौरों और जिला पंचायत अध्यक्षों को भी NHB की योजनाओं के लाभ से बाहर रखा गया है।
इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकारों के मंत्रालयों एवं विभागों के कर्मचारी, सार्वजनिक उपक्रमों, स्वायत्त निकायों और स्थानीय निकायों के कर्मचारी भी इस वित्तीय सहायता के लिए पात्र नहीं होंगे।
हालांकि MTS और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को इस नियम से बाहर रखा गया है और वे योजना का लाभ ले सकते हैं।
🎯 10 हजार रुपये या उससे ज्यादा पेंशन वालों पर भी रोक
नए नियमों में सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए भी पात्रता सीमित की गई है।
10 हजार रुपये या उससे अधिक मासिक पेंशन पाने वाले सेवानिवृत्त लोग NHB की इन योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता नहीं ले सकेंगे।
हालांकि, इन श्रेणियों में आने वाले लोगों के परिवार के सदस्य कुछ शर्तों के साथ योजना का लाभ उठा सकते हैं।
🎯 परिवार के सिर्फ एक सदस्य को मिलेगा लाभ
संशोधित नियमों के तहत परिवार में आवेदक के जीवनसाथी, माता-पिता, बेटे और बेटियां शामिल माने जाएंगे।
एक परिवार से केवल एक सदस्य को ही NHB की योजनाओं के तहत वित्तीय सहायता मिल सकेगी।
साथ ही, परिवार के सदस्य को योजना की बाकी पात्रता शर्तें भी पूरी करनी होंगी।
🎯 क्यों बदले गए नियम?
राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के मुताबिक, पात्रता नियमों में बदलाव का उद्देश्य सरकारी आर्थिक सहायता का समान और तर्कसंगत वितरण सुनिश्चित करना है।
बोर्ड का कहना है कि नए नियमों से सब्सिडी के दोहराव को रोकने, योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ाने और वित्तीय सहायता को वास्तविक पात्र लाभार्थियों तक बेहतर तरीके से पहुंचाने में मदद मिलेगी।
🎯 नियमों में बदलाव की टाइमिंग भी चर्चा में
नियमों में यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब कुछ सप्ताह पहले यह मामला सामने आया था कि केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी और भाजपा सांसद लुंबा राम ने NHB की योजना का लाभ उठाया था।
कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने 28 जुलाई को संसद में बताया था कि भागीरथ चौधरी ने संबंधित बैंक को सब्सिडी की राशि वापस कर दी है और बैंक को यह रकम NHB को लौटाने का निर्देश दिया गया है।
अब NHB ने पात्रता के दायरे को व्यापक रूप से बदल दिया है, जिससे जनप्रतिनिधियों और सरकारी तंत्र से जुड़े कई लोगों को इन योजनाओं से बाहर कर दिया गया है।
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