उत्तराखंड में बारिश का अलर्ट: नौ जिलों में येलो अलर्ट, मद्महेश्वर पैदल मार्ग बंद; केदारनाथ हाईवे पर मलबा

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रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने गुरुवार को राज्य के नौ जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश के चलते चारधाम यात्रा मार्गों पर भूस्खलन और मलबा आने का खतरा बना हुआ है। कई सड़क मार्ग प्रभावित हुए हैं, जबकि नदी-नालों के जलस्तर पर भी प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।

मौसम विभाग के अनुसार देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर और ऊधम सिंह नगर में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार चारधाम यात्रा सुचारू है, लेकिन यात्रियों को मार्गों पर भूस्खलन और मलबे के कारण सतर्क रहने की जरूरत है।

मद्महेश्वर पैदल मार्ग पर भारी मलबा

रुद्रप्रयाग जिले में बारिश के कारण मद्महेश्वर पैदल मार्ग प्रभावित हुआ है। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार गौंडार और ट्रॉली के बीच भारी मलबा और बोल्डर आने से मद्महेश्वर पैदल मार्ग बंद हो गया है।

मार्ग को खोलने के लिए स्थानीय श्रमिकों को लगाया गया है। मलबा हटाने का काम जारी है।

रुद्रप्रयाग जिले की ऊखीमठ और जखोली तहसील में बारिश दर्ज की गई है, जबकि रुद्रप्रयाग तहसील में सुबह तक बारिश नहीं हुई थी।

ऊखीमठ में 18 और जखोली में 13 मिमी बारिश

गुरुवार सुबह 8:30 बजे तक उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक ऊखीमठ में 18 मिमी और जखोली में 13 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। रुद्रप्रयाग में बारिश शून्य रही।

जिले का न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

नदियों का जलस्तर अभी चेतावनी सीमा से नीचे

बारिश के बावजूद रुद्रप्रयाग जिले में नदियों का जलस्तर फिलहाल चेतावनी और खतरे के निशान से नीचे बताया गया है।

सुबह आठ बजे के आंकड़ों के अनुसार—

  • अलकनंदा: 625.40 मीटर, चेतावनी स्तर 626 मीटर
  • मंदाकिनी: 624.28 मीटर, चेतावनी स्तर 625 मीटर
  • गंगानगर नदी: 800 मीटर
  • गौरीकुंड: 1973.95 मीटर

प्रशासन के अनुसार फिलहाल सभी प्रमुख नदियों का जलस्तर सामान्य सीमा में है।

कई सड़क मार्ग भी प्रभावित

बारिश और भूस्खलन का असर जिले के सड़क नेटवर्क पर भी पड़ा है। राष्ट्रीय राजमार्ग फिलहाल अवरुद्ध नहीं है, लेकिन मयाली-गुप्तकाशी मोटर मार्ग (राज्य मार्ग संख्या-37) प्रभावित बताया गया है।

इसके अलावा लोक निर्माण विभाग के आठ मार्ग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तीन मार्ग और एनपीसीसी का एक मार्ग भी अवरुद्ध बताया गया है।

गोपेश्वर-चोपता-केदारनाथ हाईवे पर मलबा

गोपेश्वर क्षेत्र में रात से बारिश जारी रही, हालांकि गुरुवार सुबह बारिश थम गई। बदरीनाथ हाईवे सुचारू बताया गया है।

वहीं, गोपेश्वर-चोपता-केदारनाथ हाईवे मंडल क्षेत्र में बीती शाम से बंद है। यहां नाले में मलबा आने के कारण हाईवे बाधित हुआ है।

चारधाम यात्रा मार्गों पर लगातार बारिश और भूस्खलन की घटनाओं को देखते हुए यात्रियों की सुरक्षा अहम हो गई है। प्रशासन और संबंधित विभाग प्रभावित मार्गों को खोलने तथा स्थिति पर नजर रखने में जुटे हैं।

यात्रियों के लिए जरूरी सावधानी

बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक भूस्खलन, पत्थर गिरने और नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने का खतरा रहता है। ऐसे में चारधाम यात्रा पर जाने वाले यात्रियों को स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी मार्ग संबंधी जानकारी और मौसम चेतावनियों का पालन करना चाहिए।

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