दिल्ली में बनेगी अपनी ‘SDRF’, सीएम रेखा गुप्ता के निर्देश पर प्रक्रिया शुरू; NDRF अधिकारियों के साथ अहम बैठक

दिल्ली

नई दिल्ली (Action Bharat) | दिल्ली में संभावित प्राकृतिक आपदाओं और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए अब अपनी समर्पित स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (SDRF) गठित करने की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर दिल्ली सरकार ने SDRF के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है। इसी सिलसिले में दिल्ली सचिवालय में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।

बैठक में दिल्ली के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस, प्रशिक्षित और सक्षम SDRF टीम तैयार करने को लेकर आवश्यक तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। सरकार का उद्देश्य राजधानी में ऐसी त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली तैयार करना है, जो आपदा की स्थिति में राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू कर सके।

दिल्ली में अपनी समर्पित SDRF बनाने की तैयारी

दिल्ली सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य राजधानी में आपदा प्रबंधन की क्षमता को और मजबूत करना है। अपनी SDRF होने से किसी आपात स्थिति में बाहरी बलों पर पूरी तरह निर्भरता कम होगी और स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर सकेगी।

सरकार के अनुसार, प्रस्तावित SDRF को आधुनिक उपकरणों और आवश्यक तकनीकी संसाधनों से लैस करने पर भी जोर दिया जाएगा, ताकि अलग-अलग प्रकार की आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

NDRF अधिकारियों के साथ हुई विस्तृत चर्चा

SDRF के गठन को लेकर दिल्ली सचिवालय में हुई बैठक में NDRF के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ टीम की संरचना, प्रशिक्षण, उपकरण, संचालन और आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।

बैठक का उद्देश्य दिल्ली की परिस्थितियों और यहां सामने आने वाली संभावित आपात स्थितियों को ध्यान में रखते हुए SDRF के लिए प्रभावी व्यवस्था तैयार करना बताया गया।

सत्य निकेतन हादसे का भी हुआ उल्लेख

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हाल ही में सत्य निकेतन में हुए हादसे के दौरान चलाए गए राहत एवं बचाव अभियान का विशेष रूप से उल्लेख किया। इस हादसे में NDRF की टीम ने राहत और बचाव अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

मुख्यमंत्री ने NDRF की टीम की त्वरित, साहसपूर्ण और समन्वित कार्रवाई की सराहना की और पूरी टीम के प्रति दिल्लीवासियों की ओर से आभार व्यक्त किया।

आपदा के समय कम होगा Response Time

दिल्ली में अपनी SDRF के गठन के पीछे एक बड़ा उद्देश्य आपदा के समय Response Time को कम करना है। राजधानी में किसी भवन हादसे, प्राकृतिक आपदा या अन्य गंभीर आपात स्थिति के दौरान शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित और विशेष रूप से तैयार बल की मौजूदगी राहत एवं बचाव अभियान को तेजी से शुरू करने में मदद कर सकती है।

आधुनिक और प्रशिक्षित टीम तैयार करने पर जोर

सरकार दिल्ली के लिए ऐसी SDRF तैयार करने की दिशा में काम कर रही है, जो आधुनिक तकनीक, विशेष प्रशिक्षण और आवश्यक बचाव उपकरणों से लैस हो। टीम को अलग-अलग प्रकार की आपदा परिस्थितियों में काम करने के लिए तैयार किया जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर वह तत्काल सक्रिय हो सके।

राजधानी की आपदा प्रबंधन व्यवस्था होगी मजबूत

SDRF के गठन से दिल्ली की मौजूदा आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। स्थानीय स्तर पर समर्पित बल उपलब्ध होने से आपातकालीन स्थिति में विभिन्न सरकारी और राहत एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में भी मदद मिल सकती है।

दिल्ली सरकार ने फिलहाल SDRF के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है और NDRF अधिकारियों के साथ हुई बैठक को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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