नई दिल्ली (Action Bharat) | दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए इमारत हादसे के बाद नगर निगम ने अवैध निर्माण और नियमों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी अभियान के तहत गुरुवार को चांदनी चौक के प्रसिद्ध सर्राफा बाजार कूचा महाजनी में MCD की टीम ने बड़ी सीलिंग कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान 100 से अधिक दुकानों को सील किए जाने की जानकारी सामने आई है।
• पुलिस बल के साथ पहुंची MCD की टीम
दुकानदारों के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 11:30 बजे MCD के सिटी-एसपी जोन की टीम भारी पुलिस बल के साथ कूचा महाजनी पहुंची। इसके बाद अधिकारियों ने मास्टर प्लान-2021 के नियमों के उल्लंघन और बेसमेंट तथा इमारतों के कथित दुरुपयोग का हवाला देते हुए कार्रवाई शुरू की।
• तीन इमारतों की 100 से ज्यादा दुकानें सील
कार्रवाई के दौरान तीन प्रमुख इमारतों के भूतल और बेसमेंट में मौजूद 100 से अधिक दुकानों पर नोटिस चस्पा कर उन्हें सील कर दिया गया। अचानक हुई इस कार्रवाई से बाजार के व्यापारियों में हड़कंप मच गया।
• दुकानों के अंदर करोड़ों के जेवर और नकदी
व्यापारी संगठनों का कहना है कि सीलिंग के वक्त कई दुकानों के अंदर सोने-चांदी के करोड़ों रुपये मूल्य के आभूषण और नकदी मौजूद थी। सीलिंग के बाद यह सामान दुकानों के अंदर ही बंद रह गया है।
• व्यापारियों में भारी नाराजगी
आल बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन से जुड़े व्यापारियों का आरोप है कि उन्हें कार्रवाई से पहले संभलने या तैयारी करने का पर्याप्त मौका नहीं दिया गया। व्यापारियों के अनुसार, जब वे अपनी दुकानों पर पहुंचे तो उन्हें सीलिंग की कार्रवाई का सामना करना पड़ा। इससे बाजार में भय और अनिश्चितता का माहौल पैदा हो गया है।
• सत्य निकेतन हादसे के बाद तेज हुआ अभियान
हाल ही में सत्य निकेतन में एक इमारत गिरने से बड़ा हादसा हुआ था, जिसमें सात लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हुए। इसके बाद दिल्ली सरकार और MCD पर अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सवाल उठे। हादसे के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने MCD अधिकारियों को अवैध निर्माण और मास्टर प्लान के नियमों का उल्लंघन करने वाली व्यावसायिक संपत्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
• व्यापारियों ने सरकारी विभागों और नेताओं की जवाबदेही पर उठाए सवाल
सीलिंग कार्रवाई के बाद व्यापारी संगठनों ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि वर्षों से चल रहे निर्माण और कारोबारी गतिविधियों के लिए सिर्फ व्यापारियों को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। व्यापारियों ने सवाल उठाया कि जिन सरकारी विभागों और जनप्रतिनिधियों की निगरानी में ये गतिविधियां लंबे समय से चलती रहीं, उनकी जवाबदेही तय होगी या नहीं।
• MCD का कहना—नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी
फिलहाल 100 से अधिक दुकानों की सीलिंग के बाद कूचा महाजनी के व्यापारियों में चिंता का माहौल है। वहीं, निगम अधिकारियों की ओर से कहा गया है कि नियमों के अनुसार आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
बड़ा सवाल: कार्रवाई सिर्फ व्यापारियों तक या जिम्मेदारी तय होगी?
सत्य निकेतन हादसे के बाद अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन का अभियान तेज हुआ है। लेकिन कूचा महाजनी की कार्रवाई ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि यदि किसी इलाके में नियमों का उल्लंघन वर्षों से होता रहा, तो कार्रवाई के साथ-साथ संबंधित निर्माणों को अनुमति, निगरानी या संरक्षण देने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होगी या नहीं।
