अमेरिकी चुनाव में फर्जी नागरिकता दिखाकर भारतीय ने डाला वोट, केस दर्ज

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न्यूयार्क (Action Bharat) | अमेरिकी चुनाव में मतदान करने के लिए कथित तौर पर अमेरिकी नागरिकता का झूठा दावा करने के आरोप में एक भारतीय नागरिक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोपी की पहचान मुकेश कुमार सोमाभाई चौधरी के रूप में हुई है। उस पर आरोप है कि उसने 5 नवंबर 2024 को हुए अमेरिकी आम चुनाव में मतदान करने के लिए जानबूझकर खुद को अमेरिकी नागरिक बताया, जबकि वह अमेरिकी नागरिक नहीं था।

अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक, मामले में मिनेसोटा की एक फेडरल ग्रैंड जूरी ने गुरुवार को दो आरोपों वाला अभियोग जारी किया है। मामला अमेरिकी चुनाव में मतदान के लिए नागरिकता संबंधी कथित गलत जानकारी देने से जुड़ा है।

मतदान के लिए नागरिकता का झूठा दावा करने का आरोप

अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, मुकेश कुमार सोमाभाई चौधरी ने 2024 के आम चुनाव में मतदान करने के लिए मिनेसोटा के कानून के तहत आवश्यक वोटर सिग्नेचर सर्टिफिकेट पर हस्ताक्षर किए थे।

इस प्रक्रिया के तहत उन्हें शपथ लेने या यह पुष्टि करने की आवश्यकता थी कि वह अमेरिका के नागरिक हैं। अभियोग में आरोप लगाया गया है कि चौधरी अमेरिकी नागरिक नहीं थे, इसके बावजूद उन्होंने मतदान करने के लिए अपनी नागरिकता के बारे में जानबूझकर गलत बयान दिया।

फेडरल ग्रैंड जूरी ने जारी किया अभियोग

मिनेसोटा की फेडरल ग्रैंड जूरी ने मामले में दो आरोपों वाला अभियोग जारी किया है। अमेरिकी न्याय विभाग ने इस घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि आरोप चुनाव में मतदान करने के लिए नागरिकता का कथित तौर पर गलत दावा करने से संबंधित हैं।

मामला संघीय स्तर पर सामने आने के बाद अमेरिकी चुनाव प्रक्रिया में मतदाता पात्रता और नागरिकता संबंधी नियमों को लेकर भी ध्यान आकर्षित कर रहा है।

5 नवंबर 2024 के आम चुनाव से जुड़ा मामला

अभियोग में जिस मतदान का उल्लेख है, वह 5 नवंबर 2024 को हुए अमेरिकी आम चुनाव के दौरान हुआ था। आरोप के मुताबिक, इसी चुनाव में वोट डालने के लिए चौधरी ने आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया के दौरान खुद को अमेरिकी नागरिक होने की पुष्टि की।

अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, मतदान से पहले नागरिकता की पुष्टि से संबंधित प्रक्रिया में हस्ताक्षर किए गए थे और इसी को मामले में महत्वपूर्ण आधार माना गया है।

अमेरिकी न्याय विभाग ने नागरिकता को बताया मतदान का विशेषाधिकार

न्याय विभाग के नागरिक अधिकार विभाग की असिस्टेंट अटार्नी जनरल हरमीत के. ढिल्लों ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मतदान का अधिकार अमेरिकी नागरिकता से जुड़ा एक विशेषाधिकार है।

उन्होंने कहा कि विभाग उन लोगों को जवाबदेह ठहराएगा जो मतदान करने के लिए जानबूझकर अपनी अमेरिकी नागरिकता के बारे में गलत दावा करते हैं।

मामले में अब आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर

मुकेश कुमार सोमाभाई चौधरी के खिलाफ फेडरल ग्रैंड जूरी द्वारा अभियोग जारी किए जाने के बाद अब मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया होगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन पर अमेरिकी चुनाव में मतदान के लिए नागरिकता के बारे में कथित तौर पर गलत जानकारी देने का आरोप है।

फिलहाल इस मामले में अंतिम दोषसिद्धि नहीं हुई है। आरोप अदालत में साबित होने के बाद ही आरोपी की कानूनी जिम्मेदारी तय होगी।

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