गैंगवार या पुरानी रंजिश? जिम ट्रेनर विजय कुमार हत्याकांड में तीन फरार शूटरों की पहचान

क्राइम

नई दिल्ली (Action Bharat) | दिल्ली के आया नगर में जिम ट्रेनर विजय कुमार की गोली मारकर हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस ने वारदात में शामिल तीन शूटरों की पहचान कर ली है। पुलिस के मुताबिक, अंकुश, निखिल उर्फ गप्पू और दीपक नाम के तीन शूटरों की पहचान हुई है। तीनों आया नगर के रहने वाले बताए जा रहे हैं और फिलहाल अपने-अपने घरों से फरार हैं।

पुलिस के मुताबिक वारदात में शामिल एक अन्य मुख्य शूटर की अभी CCTV फुटेज के आधार पर पहचान नहीं हो सकी है। फरार आरोपियों की तलाश में दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में भी पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।

10 से ज्यादा पुलिस टीमें तलाश में जुटीं

मामले की जांच में दक्षिण जिला पुलिस के साथ स्पेशल सेल और क्राइम ब्रांच की टीमें भी शामिल हैं। कम से कम 10 टीमें फरार शूटरों की तलाश कर रही हैं।

पुलिस की कार्रवाई में:

  • दिल्ली और आसपास के इलाकों में संभावित ठिकानों पर दबिश।
  • उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में भी तलाश।
  • आरोपियों के संभावित ठिकानों और संपर्कों की जानकारी जुटाना।
  • उनके स्वजन से पूछताछ कर फरार आरोपियों के बारे में जानकारी हासिल करने का प्रयास।

पुलिस को गैंगवार की आशंका

पुलिस को आशंका है कि विजय कुमार की हत्या के बाद आया नगर में एक बार फिर गैंगवार जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। इसी वजह से पुलिस मामले में शामिल सभी पक्षों के पुराने विवाद और आपसी संबंधों की जानकारी जुटा रही है।

वारदात वाले दिन विदेश में छिपे हिमांशु उर्फ भाऊ के नाम से सोशल मीडिया पर एक पोस्ट सामने आई थी, जिसमें हत्या की जिम्मेदारी लेने की बात कही गई थी। हालांकि पुलिस यह भी जांच कर रही है कि यह पोस्ट वास्तव में हिमांशु ने की थी या किसी अन्य व्यक्ति ने उसके नाम का इस्तेमाल करके इसे पोस्ट किया।

मृतक के परिवार ने दो लोगों पर लगाए आरोप

विजय कुमार के स्वजन ने दूसरे पक्ष के फरीदाबाद निवासी कमल और आया नगर निवासी रोहित पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस इन आरोपों के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है।

कमल को मृतक अरुण लोहिया का मामा बताया गया है। पुलिस जांच में सामने आए पुराने घटनाक्रम को भी मौजूदा हत्याकांड से जोड़कर देखा जा रहा है।

15 मई 2025 की हत्या से जुड़ती है पुरानी रंजिश

पुलिस जांच के अनुसार, इस मामले की पृष्ठभूमि में लेनदेन को लेकर पुरानी रंजिश का घटनाक्रम भी सामने आया है।

15 मई 2025 को रतनलाल के बेटे दीपक ने लेनदेन की रंजिश में आया नगर निवासी अरुण लोहिया की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने दीपक के साथ योगेश और अजय को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

अरुण लोहिया का मामा कमल, पुलिस के अनुसार, गैंगस्टर नीरज फरीदपुरिया का करीबी बताया जाता है।

बदले की साजिश में रतनलाल की हत्या का दावा

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कमल ने कथित तौर पर अरुण लोहिया की मौत का बदला लेने के लिए नीरज फरीदपुरिया से शूटरों का इंतजाम करने को कहा था। योजना कथित तौर पर दीपक की हत्या की थी, लेकिन उस समय दीपक जेल में था।

इसके बाद पुलिस सूत्रों के अनुसार, नीरज फरीदपुरिया ने रणदीप भाटी से संपर्क किया और तीन शूटरों को कथित तौर पर सुपारी देकर 30 नवंबर 2025 को दीपक के पिता रतनलाल की हत्या कराई गई।

पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों को शक था कि अरुण लोहिया की हत्या में केवल अजय ही नहीं, बल्कि उसका बड़ा भाई विजय कुमार भी शामिल था। इसके बाद अरुण के परिवार के लोगों की ओर से विजय को कई बार धमकी दिए जाने की बात सामने आई।

हंसा चौक के पास हुई थी विजय की हत्या

आया नगर गांव में हंसा चौक के पास सोमवार को जिम ट्रेनर विजय कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटनास्थल से पुलिस ने 18 खोखे और एक कारतूस बरामद किया था।

अब पुलिस पुराने विवाद, कथित बदले की कार्रवाई और फरार शूटरों के बीच संबंधों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। फिलहाल तीन पहचाने गए शूटरों की गिरफ्तारी और एक अन्य मुख्य शूटर की पहचान पुलिस के लिए प्रमुख जांच बिंदु हैं।

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