झारखंड में वापसी की तैयारी में भाजपा, संगठन से लेकर कुड़मी राजनीति तक रणनीति पर जोर

राजनीति

रांची/जमशेदपुर (Action Bharat) | झारखंड में भारतीय जनता पार्टी ने संगठन, सामाजिक समीकरण और क्षेत्रवार राजनीतिक रणनीति पर काम तेज किया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी आगामी राजनीतिक मुकाबलों के लिए अपनी स्वतंत्र संगठनात्मक जमीन मजबूत करने और सहयोगी दलों पर निर्भरता के विकल्पों पर भी मंथन कर रही है। (Jagran)

अमित शाह के साथ हुई अहम बैठक

नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ झारखंड भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई। इसमें प्रदेश नेतृत्व के साथ पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, रघुवर दास और चंपाई सोरेन समेत अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

बैठक में राज्य के राजनीतिक मुद्दों, खनन से जुड़े विधायी विषयों और झामुमो के प्रस्तावित आंदोलनों पर चर्चा होने की जानकारी सामने आई है। (Jagran)

कुड़मी समाज पर भी फोकस

भाजपा की रणनीति में कुड़मी समाज भी महत्वपूर्ण विषय के तौर पर सामने आया है। पुरुलिया में 20 सितंबर को आयोजित करम महोत्सव में कुड़मी समाज की सामाजिक और राजनीतिक मांगें प्रमुखता से उठीं। समाज लंबे समय से ST दर्जे और कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने जैसी मांगें उठाता रहा है। (Jagran)

11 सितंबर को आजसू अध्यक्ष सुदेश महतो ने भी अमित शाह से मुलाकात कर कुड़मी समाज से जुड़े मुद्दों सहित कई मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा था। (The Times of India)

संगठन में बदलाव पर जोर

भाजपा राज्य संगठन में सामाजिक प्रतिनिधित्व और नए नेतृत्व को लेकर भी बदलाव कर रही है। राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप वर्मा को राष्ट्रीय मंत्री की जिम्मेदारी दिए जाने को संगठनात्मक पुनर्संरचना का हिस्सा बताया गया है। पार्टी की प्रदेश इकाई में मोर्चों और प्रकोष्ठों की जिम्मेदारियों में भी सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखने की रिपोर्ट सामने आई है। (Jagran)

आजसू के साथ रिश्ते पर भी मंथन

रिपोर्ट के मुताबिक भाजपा आजसू के साथ अपने संबंधों और भविष्य की राजनीतिक भूमिका को लेकर भी विचार कर रही है। हालिया चुनावी प्रदर्शन के संदर्भ में सहयोगी दल पर निर्भरता कम करने के विकल्पों पर चर्चा की बात कही गई है। हालांकि, आजसू अध्यक्ष सुदेश महतो की अमित शाह से मुलाकात में कुड़मी समुदाय से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए थे। (Jagran)

क्या है भाजपा की रणनीति?

झारखंड में भाजपा की मौजूदा कवायद में मुख्य रूप से ये पहलू सामने आ रहे हैं—

  • संगठन को मजबूत करना
  • कुड़मी समेत विभिन्न सामाजिक समूहों में प्रतिनिधित्व बढ़ाना
  • क्षेत्रवार राजनीतिक रणनीति तैयार करना
  • आजसू के साथ संबंधों की समीक्षा
  • केंद्रीय नेतृत्व के साथ समन्वय बढ़ाना

यह राजनीतिक रणनीति और मीडिया रिपोर्टों में सामने आए आकलन हैं; इनके चुनावी परिणाम के बारे में कोई निष्कर्ष निकालना अभी उचित नहीं होगा।

#JharkhandPolitics #BJP #JharkhandBJP #AmitShah #Kurmi #Kudmi #AJSU #SudeshMahto #JharkhandNews #RanchiNews #Jamshedpur #PoliticalNews #ActionBharat

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *