यमन में हूती लड़ाकों की बढ़त, रणनीतिक पहाड़ी इलाकों पर कब्जे की कोशिश; लाल सागर तट पर बढ़ा तनाव

विदेश

रियाद (Action Bharat) | यमन में हूती लड़ाकों और सऊदी समर्थित सरकारी बलों के बीच संघर्ष एक अहम रणनीतिक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, हूती लड़ाके देश के महत्वपूर्ण पहाड़ी इलाकों पर नियंत्रण मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका उद्देश्य सऊदी समर्थित सेनाओं को लाल सागर के तट से अलग-थलग करना बताया जा रहा है।

लाल सागर तट के पास बढ़ रही हूतियों की गतिविधि

रिपोर्ट के मुताबिक, हूतियों ने इस महीने तेजी से आगे बढ़ते हुए यमन के लाल सागर तट के बड़े हिस्से पर कब्जा किया है। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त और सऊदी समर्थित यमनी सरकार की सेनाओं को दक्षिण की ओर पीछे हटना पड़ा है।

कहबूब पर्वत पर कब्जे की कोशिश

रॉयटर्स के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि हूती ताइज और लाहिज प्रांतों में स्थित कहबूब पर्वत पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।

यह इलाका लाल सागर के तट को सरकार के नियंत्रण वाले दक्षिणी हिस्से से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में बताया गया है।

बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य पर नजर

रिपोर्ट के अनुसार, ऊंचे इलाकों पर नियंत्रण हासिल करने के बाद हूती बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य के आसपास अपनी स्थिति मजबूत करना चाहते हैं। रणनीतिक रूप से यह क्षेत्र लाल सागर से जुड़ा हुआ है।

बताया गया है कि इससे धुबाब और पेरिम द्वीप के आसपास मौजूद हूती ठिकानों को सुरक्षित करने में मदद मिल सकती है।

संघर्ष में सैकड़ों लोगों की मौत का दावा

संयुक्त राष्ट्र के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि लड़ाई तेज होने के बाद करीब 700 लोग मारे गए और हजारों घायल हुए हैं। वहीं, 1.20 लाख से अधिक यमनी नागरिकों के आंतरिक रूप से विस्थापित होने की बात कही गई है।

रियाद पर हमले का भी दावा

हूतियों ने शनिवार को दावा किया कि उन्होंने सऊदी अरब की राजधानी रियाद पर हमला किया। रिपोर्ट के अनुसार, धमाकों के बाद एयरपोर्ट के पास धुएं के गुबार देखे गए। हालांकि, सऊदी अरब की ओर से इन शुरुआती हमलों पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई थी।

ट्रंप प्रशासन के हमले रोकने की रिपोर्ट

न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, तत्कालीन ट्रंप प्रशासन ने हूतियों के खिलाफ हवाई हमलों की तैयारी की थी, लेकिन कथित तौर पर आखिरी समय में हमले रद्द कर दिए गए।

हालांकि, रॉयटर्स के अनुसार इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने भी इस संबंध में पूछे गए सवाल का जवाब नहीं दिया।

लाल सागर क्यों महत्वपूर्ण है?

यमन का यह क्षेत्र लाल सागर और बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य के करीब है। इसलिए यहां सैन्य नियंत्रण में बदलाव का असर केवल यमन के संघर्ष तक सीमित नहीं रह सकता और क्षेत्रीय सुरक्षा तथा समुद्री व्यापार पर भी प्रभाव पड़ सकता है।

Action Bharat | World Desk

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