नई दिल्ली (Action Bharat) | एशियाई खेलों में भारतीय क्रिकेट टीम के चयन को लेकर चर्चा के बीच पूर्व क्रिकेटर डब्ल्यूवी रमन ने बीसीसीआई के मजबूत टीम भेजने के फैसले का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि भारत क्रिकेट की बड़ी ताकत है और उसके फैसलों पर दुनिया की नजर रहती है। ऐसे में एशियाई खेलों को सम्मान देते हुए मजबूत टीम भेजना जरूरी था।
सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क की ओर से आयोजित बातचीत में रमन ने कहा कि भारत इस मंच के जरिए एशिया में क्रिकेट को बढ़ावा देने और एशियाई खेलों को और बड़ा बनाने में योगदान दे सकता है।
युवा खिलाड़ियों को मिलेगा अनुभव
रमन के मुताबिक, मौजूदा एशियाड टीम में ज्यादातर खिलाड़ी अनुभवी हैं। वहीं, वैभव सूर्यवंशी और कुछ अन्य खिलाड़ियों के लिए यह प्रतियोगिता सीखने और अंतरराष्ट्रीय अनुभव हासिल करने का महत्वपूर्ण अवसर हो सकती है।
खिलाड़ियों के वर्कलोड मैनेजमेंट पर जोर
रमन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के व्यस्त कार्यक्रम के बीच खिलाड़ियों के कार्यभार प्रबंधन को अहम मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि तीनों प्रारूपों में नियमित रूप से खेलने वाले खिलाड़ियों के लिए यह बड़ी चुनौती है। इसी वजह से रोटेशन और प्रारूप के हिसाब से योजना बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने सुझाव दिया कि खिलाड़ी दोनों सफेद गेंद वाले प्रारूप खेल सकते हैं या एक सफेद गेंद प्रारूप के साथ टेस्ट क्रिकेट पर ध्यान दे सकते हैं। हालांकि, रमन ने यह भी कहा कि किसी एक प्रारूप को प्राथमिकता देने के नाम पर दूसरे प्रारूप को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
उनके अनुसार, भारतीय टीम का लक्ष्य तीनों प्रारूपों में अच्छा प्रदर्शन करना होना चाहिए, लेकिन हर खिलाड़ी का तीनों प्रारूपों में लगातार खेलना जरूरी नहीं है।
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