नई दिल्ली (Action Bharat) | शारदीय नवरात्र हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखने वाला पर्व है। इस दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। इस वर्ष शारदीय नवरात्र की शुरुआत 11 अक्टूबर 2026 से होगी।
धार्मिक और वास्तु मान्यताओं के अनुसार, नवरात्र के दौरान घर के मुख्य द्वार को साफ-सुथरा रखने और कुछ शुभ चिह्न बनाने से सकारात्मकता और समृद्धि का वातावरण बना रहता है। मुख्य द्वार पर बनाए जाने वाले चार प्रमुख शुभ निशान इस प्रकार हैं—
🕉️ 1. ॐ का निशान
नवरात्र के दौरान मुख्य द्वार पर हल्दी या रोली से ॐ का चिह्न बनाना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, ॐ सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है।
🕉️ 2. स्वास्तिक
स्वास्तिक को शुभता और मंगल का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि नवरात्र के पहले दिन मुख्य द्वार पर स्वास्तिक बनाने से घर में सकारात्मक वातावरण बना रहता है।
🪔 3. कलश
कलश को हिंदू परंपरा में समृद्धि, शुभता और पूर्णता का प्रतीक माना जाता है। नवरात्र में कलश स्थापना की विशेष परंपरा है। मुख्य द्वार पर रोली या हल्दी से कलश का चिह्न बनाना भी शुभ माना जाता है।
👣 4. मां लक्ष्मी के चरण
मुख्य द्वार पर मां लक्ष्मी के चरण बनाना भी शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इन्हें इस तरह बनाया जाना चाहिए कि चरण घर के अंदर की ओर आते हुए दिखाई दें, जो देवी लक्ष्मी के घर में प्रवेश का प्रतीक माना जाता है।
इन शुभ चिह्नों को बनाने से पहले मुख्य द्वार और उसके आसपास की जगह को अच्छी तरह साफ करना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं में स्वच्छता को भी शुभता से जोड़ा गया है।
नोट: ये उपाय धार्मिक और वास्तु मान्यताओं पर आधारित हैं। इनके परिणामों का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
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