शिमला (Action Bharat) | हिमाचल प्रदेश में ‘राष्ट्रवादी वीरभद्र कांग्रेस पार्टी’ के संभावित गठन को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच राजनीतिक घटनाक्रम में नया मोड़ आया है। युद्धवीर बैंस ने कहा है कि अगर कांग्रेस आलाकमान उनकी चार प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लेता है, तो नई पार्टी के गठन की प्रक्रिया रोकी जा सकती है।
बैंस के मुताबिक, दो दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी और कांग्रेस नेता प्रतिभा सिंह ने फोन पर उनसे संपर्क किया था। दोनों के बीच कांग्रेस में संभावित बिखराव रोकने और नई पार्टी के गठन को टालने को लेकर बातचीत हुई।
कांग्रेस आलाकमान के सामने 4 मांगें
युद्धवीर बैंस ने बताया कि प्रतिभा सिंह के साथ बातचीत में उन्होंने अपनी मांगें स्पष्ट रूप से रखी हैं। इनमें प्रमुख रूप से—
1. कार्यकर्ताओं को सम्मान और उचित स्थान:
2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के लिए मेहनत करने वाले कर्मठ कार्यकर्ताओं को सरकार और संगठन में सम्मानजनक जिम्मेदारी दी जाए।
2. वीरभद्र सिंह को उचित सम्मान:
पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को पार्टी और संगठन में पर्याप्त सम्मान और उचित स्थान दिया जाए।
3. भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच:
वर्तमान मुख्यमंत्री और उनके करीबियों पर लगाए जा रहे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए सरकार के स्तर पर उच्चस्तरीय समिति गठित की जाए।
4. संगठन से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट निर्णय:
बैंस ने संगठन से जुड़े अपने पक्ष और मांगों पर कांग्रेस आलाकमान से स्पष्ट एवं निर्णायक कदम उठाने की अपेक्षा जताई है।
मांगें नहीं मानीं तो आगे बढ़ेगा नई पार्टी का रास्ता
युद्धवीर बैंस ने स्पष्ट किया कि यदि कांग्रेस आलाकमान उनकी मांगों को स्वीकार करता है तो नई पार्टी के गठन की प्रक्रिया को रोका जा सकता है। वहीं, मांगें स्वीकार नहीं होने की स्थिति में भारत निर्वाचन आयोग के समक्ष नई पार्टी के पंजीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही गई है।
इस घटनाक्रम ने हिमाचल कांग्रेस के भीतर चल रही राजनीतिक खींचतान को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। अब निगाहें कांग्रेस आलाकमान के रुख और इन मांगों पर होने वाले फैसले पर टिकी हैं।
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