हौज रानी होटल अग्निकांड: मालिक लवकेश बजाज को 6 सप्ताह की अंतरिम जमानत, हादसे में गई थी 23 लोगों की जान

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नई दिल्ली (Action Bharat) | दिल्ली हाईकोर्ट ने मालवीय नगर के हौज रानी इलाके में स्थित होटल में हुए भीषण अग्निकांड के मामले में मालिक लवकेश बजाज को छह सप्ताह की अतिरिक्त अंतरिम जमानत दे दी है। 3 जून 2026 को हुए इस हादसे में 23 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 24 अन्य घायल हुए थे। अदालत ने बजाज की मेडिकल रिपोर्ट और सर्जरी के बाद सामने आई स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं को ध्यान में रखते हुए राहत प्रदान की।

मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मिली राहत

न्यायमूर्ति सचिन दत्ता की पीठ ने लवकेश बजाज की स्वास्थ्य स्थिति पर विचार करते हुए अंतरिम जमानत की अवधि छह सप्ताह बढ़ाने का आदेश दिया। इससे पहले भी उन्हें चार सप्ताह की अंतरिम जमानत मिली थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, 59 वर्षीय बजाज की 31 अगस्त को पेट की बड़ी सर्जरी हुई थी। उन्हें 15 सितंबर को अस्पताल से छुट्टी दी गई, लेकिन अक्टूबर में स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं के कारण दोबारा अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

3 जून को भीषण आग में 23 लोगों की मौत

यह मामला दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित हौज रानी इलाके के Flourish Stay B&B प्रतिष्ठान में लगी आग से जुड़ा है। 3 जून 2026 को हुए इस हादसे में 23 लोगों की जान चली गई थी और 24 अन्य घायल हुए थे। मृतकों में विदेशी नागरिक भी शामिल थे।

इमारत के निचले हिस्से में रेस्तरां और ऊपरी मंजिलों पर ठहरने की व्यवस्था थी। आग लगने की घटना ने प्रतिष्ठान की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और संचालन संबंधी नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े किए।

जांच में अग्नि सुरक्षा की खामियों के आरोप

दिल्ली पुलिस की जांच के अनुसार, प्रतिष्ठान में कथित तौर पर अग्नि सुरक्षा से जुड़ी गंभीर कमियां थीं। पुलिस का आरोप है कि फायर एग्जिट की व्यवस्था नहीं होने के कारण होटल का लाइसेंस लेने का आवेदन पहले खारिज कर दिया गया था।

जांचकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि प्रतिष्ठान को बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B) योजना के तहत संचालित किया जा रहा था, जबकि छह कमरों की अनुमति के मुकाबले वहां 26 कमरे चलाए जा रहे थे।

मालिक समेत तीन लोगों के खिलाफ चार्जशीट

रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने होटल मालिक लवकेश बजाज, मैनेजर-कम-अकाउंटेंट जय मिश्रा और कुक केशर नेगी के खिलाफ लगभग 1,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है।

जांच में आरोप लगाया गया कि आग रसोई में तेल गर्म करने वाले फ्रायर से शुरू हुई और तेजी से फैल गई। मामले में आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।

जमानत मिलने का अर्थ आरोपों से बरी होना नहीं

हाईकोर्ट से मिली राहत चिकित्सा आधार पर छह सप्ताह की अतिरिक्त अंतरिम जमानत है। इसे मामले में आरोपों से बरी होने का फैसला नहीं माना जा सकता। अग्निकांड में हुई मौतों और कथित सुरक्षा खामियों से जुड़े आरोपों पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण रहेगी।

Action Bharat की नजर: इस हादसे में 23 लोगों की मौत के बाद अग्नि सुरक्षा मानकों, इमारत में ठहरने की व्यवस्था और संबंधित अनुमतियों की जांच अहम बनी हुई है। पीड़ितों को न्याय दिलाने के साथ ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा नियमों का प्रभावी पालन भी जरूरी है।

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